संजीवनी टुडे

जानिए, ढोंगी दाती महाराज की बचपन से लेकर अब तक की कहानी

संजीवनी टुडे 14-06-2018 14:54:17


नई दिल्ली। रेप के आरोप लगाने के बाद से फरार चल रहे दाती महाराज मीडिया के सामने आए। उन्‍होंने कहा कि जो भी आरोप लगे हैं वो आपके सामने हैं। मैं उस बिटिया पर आरोप नहीं लगाऊंगा। पीड़ित युवती के मुताबिक दाती महाराज की महिला कर्मचारी उसे जबरदस्ती बाबा के कमरे में भेजती थी। फिर उसके साथ दो सालों तक दाती महाराज और उसके शिष्य रेप करते रहे है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने पीड़िता से मुलाकात की और उसे पुलिस सुरक्षा दिए जाने की मांग की है।


दाती जी महाराज परिचय

दाती महाराज का जन्म 10 जुलाई 1950 को राजस्थान के पाली जिला में अलावास गांव में हुआ। दाती महाराज बचपन से ही तीक्ष्ण बुद्धि के स्वामी थे। बाल्यकाल में ही इनका लगाव ईश्वर से हो गया था। इन्होंने संसार में व्याप्त ज्योतिष, ध्यान और शनि संबंधित भ्रांतियों को दूर करने का विचार किया। इनकी विद्या, ज्ञान और कृपा से बहुत से भक्त लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

पीड़ित युवती ने आरोप लगाया है कि उसके साथ दाती महाराज समेत चार लोगों ने दुष्कर्म किया उसे पेशाब भी पिलाया गया। पीड़ित युवती स्नेहा ने खुलासा करते हुए बताया कि साकेत कोर्ट में ड्यूटी एमएम के सामने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत हुए बयान में किया है। मेडिकल करने वाले डॉक्टरों ने पुलिस को लिखकर दिया कि पीड़ित युवती डिप्रेशन का शिकार हो गई है।  पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्नेहा ने 164 के बयान में कहा है कि 9 जनवरी, 2016 संस्थान की नीतू उसे चरण सेवा के लिए दाती महाराज के पास ले गई। इसके बाद दाती महाराज, अशोक, अर्जुन व नीमा जोशी ने उसके साथ अलग-अलग दुष्कर्म किया। उसे 26-28 मार्च 2016 को उसे पाली, राजस्थान आश्रम ले जाया गया। 

 

रेप और कुकर्म जैसे संगीन आरोपों से घिरे दाती महाराज 

मदन लाल राजस्थानी ने अपने बचाव में ऑडियो-विडियो क्लिप के साथ पीड़िता का एक ‘शपथ पत्र’ सार्वजनिक किया है। अब यह शपत्र पत्र भी सवालों के घेरे में है। इनकी पड़ताल करते हुए कई चौंकाने वाली बातें दिखीं। शपथ पत्र के 11वें पैरे से शपथ पत्र शक के दायरे में आ गया है। शाम को एनबीटी को फोन करके दाती महाराज ने कहा कि वह जल्द ही दिल्ली आएंगे और जांच में सहयोग करेंगे। 

 भेजने से पहले पहनाते थे सफेद कपड़े

दाती महाराज पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली उनकी शिष्या ने पुलिस और अदालत के सामने अपने बयान में कहा कि उसके साथ तीन दिन तक लगातार दुष्कर्म और कुकर्म किया गया। हर बार दाती महाराज के पास भेजने से पहले उसे सफेद कपड़े पहनाए जाते थे। 


अब तक की सबसे भारी छूट- रोलेक्स और राडो घडी पर 80% छूट एनबीटी ने शपथ पत्र को गौर से पढ़ा तो ऐसा लगा कि उसे मनमाने तरीके से कुछ जगहों पर पेन से भरा गया है। कुछ स्थानों पर छेड़छाड़ की गई है। दाती महाराज की ओर से भेजा गया 3 पेज का यह शपथ पत्र टाइप किया हुआ है। लेकिन कुछ जगहों पर खाली जगह छोड़ी गई है। वहां ब्लू पेन से पीड़िता का नाम, पता, खासतौर पर तारीख लिखी गई है। शपत्र पत्र में 11 पॉइंट देते हुए मजमून के शुरुआत में जहां पेन से 2006 लिखकर पीड़िता के हवाले से कबूलनामा दिखाया गया है कि वह स्वेच्छा से दाती महाराज की शरण में आई, वहीं आखिरी 11 वें पैरे में जो लिखा है उससे शपथ पत्र शक के दायरे में आ गया। 

 आरोपी दाती महाराज ने कहा पैसे के लिए फंसाया

मैं निजी कारणों से यह कर रही हूं। इसमें किसी भी प्रकार का छल, प्रलोभन, बल, प्रयोग, उत्पीड़न इत्यादि नहीं है। मैं वचन देती हूं कि मैं दाती महाराज की किसी प्रकार की निंदा नही करूंगी। किसी भी प्रकार का उपहास नहीं करूंगी। क्योंकि यहां मैंने ऐसा कुछ भी निंदा या उपहास आदि के लायक नहीं पाया है। यदि मैं ऐसा कुछ करती हूं तो इसमें मेरा निजी स्वार्थ ही होगा तथा दाती महाराज अथवा संस्थान मेरे ऊपर उचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। आज के बाद मैं किसी अनुचित, अमानवीय अथवा गलत आचरणों के लिए स्वयं जिम्मेदार होऊंगी।

दाती महाराज की पीड़िता की आपबीती 

मैटर में पीड़िता के कथित साइन और अंगूठा निशानी होने का दावा किया गया। क्या ऐसे शपथ पत्र वहां सभी से भरवाएं जाते रहे हैं। इसके जवाब में आश्रम की तरफ से तर्क दिया गया है। पहले तो इस तरह के शपथ पत्र नहीं लिए जाते थे।

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लेकिन आसाराम प्रकरण के बाद शपथ पत्र लेने लगे। मामले में पीड़ित परिवार का दावा है कि आरोपी बाबा ने अपनी करतूतों के खुलासे के डर से उन्हीं दिनों में डरा धमकाकर कई पेपर्स पर लड़की से साइन करवाए थे।

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