संजीवनी टुडे

कश्मीर: ये दो महिला अधिकारी तनाव के बीच निभा रही हैं अहम भूमिका

संजीवनी टुडे 13-08-2019 10:24:18

जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के बाद पहली बार ईद मनाई गई। भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के मद्देनजर घाटी में सुरक्षा की पुख्त व्यवस्था की गई है। घाटी के अधिकतर इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है। इस बीच कल बकरीद की नमाज पढ़ी गई।


नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के बाद पहली बार ईद मनाई गई। भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के मद्देनजर घाटी में सुरक्षा की पुख्त व्यवस्था की गई है। घाटी के अधिकतर इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है। इस बीच कल बकरीद की नमाज पढ़ी गई। 

यह खबर भी पढ़े: अनुच्छेद 370: पूर्व PM मनमोहन सिंह बोले- जम्मू कश्मीर के नागरिकों की आवाज सुनी जानी चाहिए

गौरतलब है कि आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद से घाटी में कई पाबंदियां हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को सहूलियत देने के लिए फोन बूथ से लेकर जरूरी सामान तक के इंतजाम किए हैं। जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किए जाने से महज चार दिन पहले 2013 बैच की आईएएस ऑफिसर डॉ. सईद सहरीश असगर को श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर प्रशासन का सूचना निदेशक नियुक्त किया गया था। यूं तो उनका नया काम लोगों को सरकार की योजनाओं के बारे में जागरूक करने का था, लेकिन पिछले 8 दिन से वह लोगों की परेशानियों को सुन रही हैं। उनका काम अब क्राइसिस मैनेजमेंट का है। 
 
वहीं श्रीनगर में ही तैनात 2016 बैच की आईपीएस ऑफिसर पीडी नित्य के ऊपर राम मुंशी बाग से लेकर हरवन दागची गांव तक की अहम जिम्मेदारी है। इसी रास्ते पर हिरासत में लिए गए वीआईपी लोगों को रखा गया है। इस वक्त सिर्फ असगर और नित्य ही ऐसी महिला आईएएस और आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्हें घाटी में तैनात किया गया है। बाकी महिला अधिकारियों को या तो जम्मू में या लद्दाख में तैनात किया गया है। असगर एक साल के बेटे की मां हैं। उनके पास एबीबीएस की डिग्री है और वह जम्मू में प्रैक्टिस कर चुकी हैं लेकिन अपनी प्रैक्टिस छोड़कर उन्होंने आईएएस की परीक्षा दी।

यह खबर भी पढ़े: जम्मू-कश्मीर में पाबंदी पर SC में आज सुनवाई, उमर-महबूबा की रिहाई की अपील

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, 'एक डॉक्टर होने के नाते मैं मरीजों का इलाज कर रही थी। लेकिन आज घाटी की चुनौतियां अलग हैं। इसमें कड़ाई और नरमी एक साथ चाहिए।' उनके पति पुलवामा जैसे संवेदनशील क्षेत्र के कमिश्नर हैं। असगर ने कहा, 'मुझे खुशी होगी अगर महिलाएं समाज में बदलाव ला पाएंगी।' 

छत्तीसगढ़ की रहने वाली 28 साल की नित्या के लिए कई बार चुनौतियां बढ़ जाती हैं।इससे पहले वह एक सीमेंट कंपनी में प्रबंधक के तौर पर कार्य करती थीं। नेहरू पार्क के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी नित्या ने कहा, 'नागरिकों को सुरक्षित करने के अलावा मुझे वीवीआइपी लोगों की सुरक्षा की देखरेख करनी होती है। यह छत्तीसगढ़ की मेरी जिंदगी से काफी अलग है।'

प्लीज सब्सक्राइब यूट्यूब बटन

 

उन्होंने कहा, 'मैं छत्तीसगढ़ के दुर्ग से हूं जहां हमेशा शांतिपूर्ण माहौल रहता है। लेकिन मुझे चुनौतियां पसंद हैं।' वह एक केमिकल इंजीनियर हैं जो धाराप्रवाह कश्मीरी और हिंदी बोल सकती हैं। वहीं इसके अलावा वह तेलुगू भी अच्छी बोलती हैं।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

More From national

Trending Now
Recommended