संजीवनी टुडे

कर्नाटक : दो निर्दलीय विधायक जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार में मंत्री बने

संजीवनी टुडे 14-06-2019 20:30:18

दो निर्दलीय विधायकों आर शंकर और एच नागेश ने एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। इन दोनों के मंत्री बनने के बाद से सरकार 105 सदस्यीय मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी पर हावी दिखती है


बेंगलुरु। दो निर्दलीय विधायकों आर शंकर और एच नागेश ने एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। इन दोनों के मंत्री बनने के बाद से सरकार 105 सदस्यीय मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी पर हावी दिखती है। बता दें कि भाजपा नेताओं ने खुद की सरकार बनाने की कोशिशों में कई बार ठोकर खाई है। भाजपा को सरकार बनाने के लिए 224 सदस्यीय सदन में कम से कम 113 सदस्यों की आवश्यकता है।

 
आर शंकर ने कर्नाटक प्रजनेय जनता पार्टी (केपीजेपी) पर हावेरी जिले के रानीबेन्नूर निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। ​​रानीबेन्नूर में कांग्रेस पार्टी की ओर से चुनाव में टिकट हासिल करने में असफल रहने के बाद ही उन्होंने नई पार्टी से चुनाव लड़ने का फैसला किया। मतगणना समाप्त होने के अगले ही दिन और एक विकट स्थिति पैदा हो गई, जिसमें भाजपा और कांग्रेस दोनों ही बेहतर स्थिति में नहीं थे तो आर शंकर ने दोहरा खेल खेला। सुबह के समय वह भाजपा नेता केएस ईश्वरप्पा के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा के घर गए, जो सरकार बनाने के लिए समर्थन चाह रहे थे। लेकिन शाम तक उन्होंने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के कार्यालय में पहुंचकर उसको समर्थन करने की घोषणा से सबको आश्चर्यचकित कर दिया। वह चरवाहा समुदाय से संबंधित हैं, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और केएस ईश्वरप्पा दोनों आते हैं।
 
वहीं, आर शंकर को कांग्रेस पार्टी में शामिल होने से इनकार करने के बाद दिसंबर 2018 में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान हटा दिया गया था। हालाँकि इसबार कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी के विलय के लगभग छह महीने के भीतर दूसरी बार उन्हें मंत्री के रूप में शपथ दिलाने की मुख्य शर्तों में से एक है। कांग्रेस पार्टी का टिकट पाने में नाकाम रहने के बाद आईआरएस के पूर्व अधिकारी एच नागेश निर्दलीय के रूप में मैदान में उतरे और कांग्रेस उम्मीदवार की हार सुनिश्चित करते हुए मुलबागल आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से जीत गए।
 
जिन दो निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस के उम्मीदवारों को हराया था, वह अब कैबिनेट मंत्री बने हैं। बेलगावी जिले के प्रभारी मंत्री और गोकाक कांग्रेस के पूर्व विधायक रमेश जारकीहोली जो पार्टी के कुछ विधायकों के साथ मुंबई में डेरा डाले हुए थे, उन्होंने गठबंधन सरकार को चौंकाने में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। वह भाजपा से हाथ मिलाने के लिए लगातार हाईकमान की धज्जियां उड़ाते रहे लेकिन आजतक उस तरह का कुछ नहीं हुआ, जिसका उन्होंने दावा किया था कि कांग्रेस और जेडीएस के विधायक उनके साथ हैं।
 
हावेरी जिले के हिरेकर से चार बार के कांग्रेस विधायक पूर्व पुलिस अधिकारी से राजनेता बने बीसी पाटिल ने भी लिंगायत कोटे से कैबिनेट बर्थ का दावा किया था। देर से ही सही वह पार्टी के खिलाफ अपने हमले में काफी मुखर रहे लेकिन एक बार फिर से कैबिनेट बर्थ से चूक गए। सात बार शिवाजीनगर से विधायक रहे आर रोशन बेग के कांग्रेस छोड़ जल्द ही भाजपा में शामिल होने की उम्मीद है। पूर्व मंत्री और शहर से आठ बार के कांग्रेस विधायक आर रामलिंगारेड्डी को भी मंत्री पद से वंचित रखा गया है।
 
दिग्गज कांग्रेसी एचके पाटिल हर बार अपनी ही पार्टी की सरकार के फैसलों में दोष ढूंढते रहते हैं। कांग्रेस के भीतर कई अन्य लोग हैं जो इंतज़ार करो वाली नीति का पालन करते दिखाई देते हैं। लेकिन क्या भाजपा को प्रदेश में सरकार बनाने में या मौजूदा सरकार के पतन के लिए मार्ग प्रशस्त करने की जरूरत है।

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