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J&K पुनर्गठन बिल लोकसभा से पास, समर्थन में 370, विरोध में पड़े 70 वोट

संजीवनी टुडे 07-08-2019 08:07:29

जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल मंगलवार को लोकसभा में पास हो गया। बिल के पक्ष में 370 वोट जबकि विपक्ष में 70 वोट पड़े। बता दें सोमवार को यह बिल राज्यसभा से पारित हो गया है। राज्यसभा में सोमवार को इस बिल के पक्ष में 125 वोट पड़े थे, वहीं विपक्ष में 61 सांसदों में मतदान किया।


नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल मंगलवार को लोकसभा में पास हो गया। बिल के पक्ष में 370 वोट जबकि विपक्ष में 70 वोट पड़े। बता दें सोमवार को यह बिल राज्यसभा से पारित हो गया है। राज्यसभा में सोमवार को इस बिल के पक्ष में 125 वोट पड़े थे, वहीं विपक्ष में 61 सांसदों में मतदान किया। इसके अलावा धारा 370 हटाने का संकल्प पत्र भी पारित हो गया। 

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इस बिल के पास होने के बाद जम्मू कश्मीर दो हिस्सों में बंट जाएगा। इसके अनुसार जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाएगा। आपको बता दें कि निचले सदन में गृह मंत्री अमित शाह की ओर से पेश संकल्प में कहा गया है, 'भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 के खंड 1 के साथ पठित अनुच्छेद 370 के खंड 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राष्ट्रपति संसद की सिफारिश पर यह घोषणा करते हैं कि वह जिस दिन भारत के राष्ट्रपति द्वारा इस घोषणा पर हस्ताक्षर किए जाएंगे और इसे सरकारी गजट में प्रकाशित किया जाएगा, उस दिन से उक्त अनुच्छेद के सभी खंड लागू नहीं रहेंगे, सिवाय खंड 1 के. इसमें कहा गया है कि 19 दिसंबर 2018 को राष्ट्रपति की अधिघोषणा के बाद जम्मू कश्मीर राज्य विधायिका की शक्ति इस सदन को है। 

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अमित शाह ने क्या-क्या कहा
-पंडित नेहरू ने सेना को पूरी छूट दी होती तो Pok भारत का हिस्सा होता। 
-पूर्वोत्तर, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत कुछ राज्यों के सदस्यों को मैं आश्वस्त करता हूं कि मोदी सरकार की अनुच्छेद 371 को हटाने की कोई आकांक्षा नहीं। 
-हम हुर्रियत के साथ चर्चा नहीं करना चाहते, अगर घाटी के लोगों में आशंका है तो जरूर उनसे चर्चा करेंगे, उन्हें गले लगाएंगे। 
-परिस्थिति सामान्य होते ही जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने में इस सरकार को कोई समस्या नहीं। 
-अनुच्छेद 370 से अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय। 
-हम कोई ब्लंडर नहीं करेंगे। रायशुमारी की बात 1965 में ही खत्म हो गई। 
-उचित समय आने में 70 साल लग गए। 70 साल में एक ही लाइन पर चले, क्या हासिल हुआ 
-पाकिस्तान ने अलगाववाद को हवा दी। 
-हम ऐतिहासिक भूल नहीं करने जा रहे हैं, सुधारने जा रहे हैं।

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