संजीवनी टुडे

नोटबंदी, GST और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर अरुण जेटली ने विपक्ष पर बोला हमला

संजीवनी टुडे 18-06-2018 19:52:11


नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी, जीएसटी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर विपक्ष को निशाने पर लिया है। अब जेटली ने बिना नाम लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, जशवंत सिन्हा और पी. चिदंबरम सहित कई अर्थशास्त्रियों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने नाम लिए बिना तीनों नेताओं के दावों को गलत करार दिया है।

उन्होंने यह भी कहा है कि बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में हासिल हुई 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर से एक बार फिर से यह स्थापित हो गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि अभी यह रुख कई और साल तक बना रहेगा। जेटली ने कहा कि नोटबंदी और गुड्स ऐंड सर्विसेज (जीएसटी) के क्रियान्वयन के बाद न तो भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में 2 प्रतिशत गिरावट आई है और न ही एक पूर्व वित्त मंत्री का कथन सही है कि इससे भारत गरीब होगा। 

बता दे कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि नोटबंदी से जीडीपी में 2 फीसदी की गिरावट आएगी। इसी तरह पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों से देश के लोग गरीब हो जाएंगे। फेसबुक पोस्ट में जेटली ने कहा कि नोटबंदी जैसे संरचनात्मक सुधारों और जीएसटी के क्रियान्वयन और इनसॉल्वेंसी ऐंड बैंकरप्सी कोड को लागू करने की वजह से हमें दो तिमाही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। जिन लोगों ने यह अनुमान लगाया था कि जीडीपी में 2 प्रतिशत की गिरावट आएगी वे गलत साबित हुए। उन्होंने कहा कि मेरे एक सम्मानित पूर्ववर्ती को भय था कि इससे उन्हें भविष्य में गरीबी का जीवन जीना पड़ेगा।

रोजगार के मुद्दे पर सरकार की आलोचनाओं का जवाब देते हुए जेटली ने कहा, 'डेटा विश्लेषण साफ दिखाता है कि कंस्ट्रक्शन सेक्टर दोहरे अंकों के साथ बढ़ रहा है। यह रोजगार देने वाला सेक्टर है। निवेश बढ़ रहा है। घरेलू निवेश में भी तेजी आई है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) अप्रत्याशित स्तर पर है।

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जेटली ने आगे लिखा, 'मैन्युफैक्चरिंग में वृद्धि हो रही है। हम इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर बहुत पैसा खर्च कर रहे हैं। रूरल प्रॉजेक्ट्स पर काफी खर्च बढ़ा है। सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं, खासकर वित्तीय समावेशन से स्वरोजगार का माहौल बना है। ये सभी रोजगार उत्पन्न करने वाले सेक्टर हैं।

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