संजीवनी टुडे

ISRO का चंद्रयान-2 को लेकर बड़ा खुलासा, ग्राफ में नजर आया सबूत

संजीवनी टुडे 11-09-2019 15:30:37

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का महत्वकांक्षी मून मिशन चंद्रयान-2 को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।


नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का महत्वकांक्षी मून मिशन चंद्रयान-2 को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। लैंडर विक्रम से इसरो का संपर्क चंद्र सतह से 335 मीटर पर टूटा था। इसरो के मिशन ऑपरेशन कॉम्प्लेक्स से जारी फोटो से इस बात का खुलासा हुआ है।

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चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम इसरो के एक ग्राफ में नजर आ रही 3 रेखाओं के मध्य में मौजूद लाल रेखा पर चल रहा था। लाल रेखा इसरो के जरिए निर्धारित विक्रम का पूर्व निर्धारिक पथ था। विक्रम लैंडर के आगे बढ़ने संग ही लाल रंग की रेखा के ऊपर हरे रंग की रेखा स्पष्ट नजर आ रही थी। 

बात दें कि चंद्रमा की सतह से 4.2 किलोमीटर की ऊंचाई पर भी विक्रम लैंडर अपने पूर्व निर्धारित रास्ते से कुछ भटका किन्तु शीघ्र ही उसे ठीक कर दिया गया। तत्पश्चात जब विक्रम चंद्र सतह से  2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचा तो वो  अपने पथ से भटक कर अन्य पथ पर चलने लगा। 

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जिस वक्त विक्रम ने अपना निर्धारित पथ छोड़ा उस वक्त उसकी गति 59 मीटर प्रति सेकंड थी। रिश्ता भटकने के बावजूद सतह से 400 मीटर की ऊंचाई पर विक्रम लैंडर की गति करीबन उस स्तर पर पहुंच चुकी थी जिस पर उसे सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी। 

मिशन ऑपरेशन कॉम्प्लेक्स की स्क्रीन पर नजर आ रहे ग्राफ में लैंडिग हेतु पूर्व  निर्धारित 15 मिनट के 13वें मिनट में स्क्रीन पर एक हरे धब्बे संग सब कुछ रुक गया। उस वक्त विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह से 335 मीटर की ऊंचाई पर था। 

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