संजीवनी टुडे

महिला की किडनी नि‍कालने की हुई जांच, कलेक्टर को सौंपी जाएगी जांच रिपोर्ट

संजीवनी टुडे 07-06-2019 20:13:05

खरसिया वनांचल केयर निजी अस्पताल में 62 वर्षीय महिला सुमित्रा पटेल की किडनी निकाल लिए जाने का मामले में शुक्रवार को जांच टीम अस्‍पताल पहुंची। वहीं शुक्रवार को पीड़िता को न्याय न मिलने पर एक कांग्रेसी कार्यकर्ता निरज शर्मा ने आत्मदाह की चेतावनी दी है।


खरसिया। खरसिया वनांचल केयर निजी अस्पताल में 62 वर्षीय महिला सुमित्रा पटेल की किडनी निकाल लिए जाने का मामले में शुक्रवार को जांच टीम अस्‍पताल पहुंची। वहीं शुक्रवार को पीड़िता को न्याय न मिलने पर एक कांग्रेसी कार्यकर्ता निरज शर्मा ने आत्मदाह की चेतावनी दी है। किडनी कांड में शुक्रवार को 6 सदस्यीय जांच टीम खरसिया वनांचल केयर हॉस्पिटल जांच में पहुंची। जांच टीम में खरसिया एसडीएम गिरीश रामटेके, रायगढ़ जिला स्वास्थ्य अधिकारी एसएन केशरी सहित 4 अन्य सदस्यों की उपस्थिति में 12 बजे से जांच शुरू की गई। जांच टीम ने पीड़िता एवं उसके परिवार सहित वनांचल केयर हॉस्पिटल के संचालक एवं महिला की किडनी निकालने के आरोप झेल रहे डॉक्टर सजन अग्रवाल एवं विक्रम सिंह राठिया का भी बयान दर्ज किया । जांच दल के मुखिया खरसिया एसडीएम ने कहा कि जिला कलेक्टर से प्राप्त निर्देश पर वनांचल केयर की जांच मुख्यतः दो बिंदुओं पर की गई। क्या यह हॉस्पिटल नर्सिग होम एक्ट के तहत संचालित है? क्या पीड़िता सुमित्रा पटेल की किडनी निकाली गई है ? जांच अधिकारी गिरीश रामटेके ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि महिला की किडनी निकाली गई है। मामले में अभी 2 लोगों का बयान दर्ज होना बाकी है, जिसके बाद जांच रिपोर्ट कलेक्टर रायगढ़ को सौंपी जाएगी ।   

बताते चलें क‍ि पथरी का इलाज कराने पहुंची 62 वर्षीय महिला सुमित्रा पटेल का डॉक्टरों द्वारा किडनी निकाल लिए जाने से शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना झेल रही पीड़िता सुमित्रा पटेल ने मीडिया को बताया कि 3-4 डॉक्टरों के द्वारा पीड़िता को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन लगाये गए । पीड़िता के द्वारा डॉक्टरों को उनके बड़े पुत्र के आने तक रुकने को कहा गया, किन्तु डॉक्टर नहीं माने। बाएं तरफ का गुर्दा  शरीर को चीरा लगाकर निकाल लिया। आज पीड़िता जिंदगी एवं मौत के बीच संघर्ष कर रही है। पीड़िता के परिजनों ने डॉक्टरों पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि उनके फर्जी हस्ताक्षर अस्पताल प्रबन्धन द्वारा किया गया है। उन्होंने पथरी का ऑपरेशन करने सहमति दी थी, डॉक्टरों ने धोखे से किडनी निकाल ली। वहीं जांच टीम में शामिल सीएमएचओ एसएन केशरी ने कहा कि अभी जांच जारी है, किन्तु प्रथम दृष्टया जांच में ही किडनी निकाले जाने की पुष्टि हुई है। किंतु किन कारणों से किडनी निकाला गया, इसकी जांच चल रही है। किडनी को जांच के लिए भेजे जाने की बात डॉक्टरों ने बयान में बतायी है।

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वहीं आरोप झेल रहे डॉक्टरों ने आज पहली बार मीडिया के सामने अपना बयान दिया। खरसिया सिविल अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर सजन अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि मैं 30 मई को वनांचल केयर गया था। मुझे महिला के पथरी के ऑपरेशन के लिए बेहोशी का इंजेक्शन (एथ्रेसिया) देने को बुलाया गया था। मैंने महिला को इंजेक्शन लगाया फिर मैं आ गया | मुझे नहीं पता कि मेरे आने के बाद महिला का पथरी निकाला गया या फिर किडनी। डॉ. सजन अग्रवाल ने बताया क‍ि वनांचल केयर हॉस्पिटल मेरी पत्नी चित्रा राठिया के द्वारा संचालित किया जाता है। मैं वहां पर ऑन कॉल डॉक्टर हूं, मुझे पथरी के ऑपरेशन के लिए कॉल आने पर वहां गया था । डॉ. विक्रम सिंह राठिया, सर्जन सिविल अस्पताल खरसिया ने बताया क‍ि मैंने अपने सहयोगी डॉक्टरों के साथ 30 मई को सुमित्रा बाई पटेल (62 वर्ष) मरकाम गोड़ी शक्ति का पथरी का ऑपरेशन किया है । चूंकि ऑपरेशन के वक्त महिला की किडनी डेमेज हो गई । बहुत ज्यादा ब्‍ल‍िड‍िंग होने लगा, जिस कारण महिला की जान बचाने के लिए हमने महिला की किडनी निकाली। महिला अभी स्वस्थ्य है एवं खतरे से बाहर है। हमने किडनी निकाली है किंतु बेंची नहीं है। खरसिया चौकी में परिजनों द्वारा 3 डॉक्टरों के विरुद्ध एफआईआर के लिए लिखित आवेदन एवं रायगढ़ कलेक्टर द्वारा जांच के कमेटी गठित करने के बाद मामला पूरी तरह से हाई प्रोफाइल हो चुका है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी मामले में कार्रवाई का निर्देश दे चुके हैं। फिलहाल, मामले की जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपे जाने के बाद ही मामले में अंतिम निर्णय सामने आएगा ।

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