संजीवनी टुडे

VIDEO , रोटी, कपडा और मकान के बाद चाहिए इंटरनेट , जानिए क्या कहता है अनुच्छेद-19

संजीवनी टुडे 16-01-2020 15:38:56

सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीर में इंटरनेट पर लगभग 5 महीने से जारी रोक और वहां लागू धारा-144 पर शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया।


नई दिल्ली। 1974 में आई मनोज कुमार, शशि कपूर अभिनीत फिल्म रोटी, कपडा और मकान बताती है कि ये व्यक्ति की मूल जरूरते है, लेकिन 21वी  सदी में एक नई चीज और इनके साथ जुड़ गई है।  वो है इंटरनेट ,आज के समय में बहुत कम ही ऐसे काम होंगे जो इसके बिना पुरे किये जा सकते है। 

ss

आइये अब जानते  कब व कैसे बंद किया जाता है इंटरनेट ,

सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीर में इंटरनेट पर लगभग 5 महीने से जारी रोक और वहां लागू धारा-144 पर शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट संविधान के अनुच्छेद-19 के तहत लोगों का मौलिक अधिकार है। यानी यह जीने के हक जैसा ही जरूरी है। इंटरनेट को अनिश्चितकाल के लिए बंद नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने सरकार से सभी पाबंदियों की 7 दिन के अंदर समीक्षा करने और इसके आदेश को सार्वजनिक करने के निर्देश दिए। यह  फैसला जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस सुभाष रेड्डी और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने सुनाया।

यह खबर भी पढ़ें: कांग्रेस ने कहा- अडाणी को हजारों करोड़ का रक्षा ठेका देने के लिए मोदी सरकार ने तोड़े नियम

क्या है अनुच्छेद 19: यह भी आप  जान ले 

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 भारत के नागरिकों के लिए कुछ मौलिक अधिकारों की बात करता है। अनुच्छेद 19 (1) के तहत ये हमारे मौलिक अधिकार हैं : सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, बिना हथियार किसी जगह शांतिपूर्वक इकट्ठा होने, संघ या संगठन बनाने, कहीं भी स्वतंत्र रूप से घूमने, भारत के किसी भी हिस्से में रहने और बसने, कोई भी व्यवसाय- पेशा अपनाने या व्यापार करने का अधिकार। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2017 में एक फैसले में कहा था कि इंटरनेट एक्सेस नागरिकों का हक है।

g

क्या है इंटरनेट रोकने की कानूनी प्रक्रिया:
 भारत में इंटरनेट सेवाएं रोकने के लिए अभी दो कानूनी प्रावधान और एक नियमावली है। ये हैं- कोड आफ क्रिमिनल प्रासीजर- 1973 (सीआरपीसी), इंडियन टेलिग्राफ एक्ट- 1885 और 2017 का टेंपररी सस्पेंशनआफ टेलिकॉम सविर्सेज रूल्स।  इनके आधार पर ही सरकारी एजंसियां भारत के जिलों या राज्यों में इंटरनेट बंद करने का फैसला करती हैं। इसकी  प्रक्रिया के तहत  केंद्र या राज्य के गृह सचिव इंटरनेट पर रोक करने का आदेश देते हैं। यह आदेश एसपी या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी के माध्यम से सेवा प्रदाता को भेजा जाता है।

यह खबर भी पढ़ें: IND vs AUS: कल ऑस्ट्रेलिया से पहली हार का बदला लेने उतरेगी टीम इंडिया, जानिए कैसा रहेगा मौसम और पिच का मिजाज

भारत को  करीब 92 अरब 19  करोड़ रुपए का नुकसान

आपको जानकर हैरानी होगी की  साल 2019 में सरकार ने कई बार इंटरनेट बंद किया। पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाने वाला देश भारत ही है। इंटरनेट शटडाउंस डॉट इन के मुताबिक, 2012 से लेकर 2019 तक भारत में कुल 379 बार इंटरनेट बंद किया गया है। केवल 2019 में ही 103 बार इंटरनेट को बंद किया गया है। सबसे अधिक प्रतिबंध जम्मू-कश्मीर में 180 बार लगाया गया है। शोध संस्था टॉप10वीपीएस के मुताबिक, इससे भारत को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। भारत को  करीब 92 अरब 19  करोड़ 75 लाख 50 हज़ार रुपए का नुकसान हुआ है। केवल कश्मीर में करीब 78 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

 केरल देश का पहला राज्य
 केरल देश का पहला राज्य है जिसने करीब तीन साल पहले इंटरनेट को लोगों का मूलभूत अधिकार घोषित कर दिया था। मार्च 2017 में ही केरल ने हर नागरिक के लिए भोजन, पानी और शिक्षा की तरह इंटरनेट को भी मूलभूत अधिकार की श्रेणी में रख दिया था। अपने बजट में इस राज्य ने अपने 20 लाख गरीब परिवारों तक इंटरनेट की पहुंच देने के लिए योजना बनाई थी और फंड आवंटित किया था।


वही  संयुक्त राष्ट्र ने भी सभी देशों से लोगों के लिए इंटरनेट को मौलिक अधिकार बनाने की सिफारिश की है। , एस्तोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, ग्रीस और स्पेन में इंटरनेट को नागरिकों का मूलभूत अधिकार घोषित किया जा चुका है। इन देशों ने अपने संविधान में इसे चिन्हित किया है। भारत और पाकिस्तान के बाद जिन देशों में इंटरनेट बंद किए जाने के सबसे अधिक मामले सामने आए, उनमें इराक, यमन, इथियोपिया  बांग्लादेश, व  रूस  शामिल हैं।


कश्मीर में 4 अगस्त यानी 160 दिनों से इंटरनेट बंद है और धारा 144 लागू है। यहां इंटरनेट बंद होने के मायने मोबाइल इंटरनेट और ब्रॉडबैंड, दोनों से हैं। सरकार ने हालात सामान्य होने के बाद जम्मू, लेह-लद्दाख और करगिल से धारा 144 हटा ली थी। हालाँकि जम्मू में भी ब्रॉडबैंड इंटरनेट चालू हो चुका है, लेकिन मोबाइल इंटरनेट बंद है। 

ऐसी ही ताजा खबरों व अपडेट के लिए डाउनलोड करे संजीवनी टुडे एप

More From national

Trending Now
Recommended