संजीवनी टुडे

स्कूलों में आर्टिफीसियल इंटेलीजेन्स का पाठ्यक्रम तैयार करने वाला भारत पहला देश

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 12-09-2019 17:50:57

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड स्कूलों में आर्टिफीसियल इंटेलीजेन्स का पाठ्यक्रम तैयार करने वाला विश्व का पहला शिक्षा बोर्ड बन गया है।


नई दिल्ली। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड स्कूलों में आर्टिफीसियल इंटेलीजेन्स का पाठ्यक्रम तैयार करने वाला विश्व का पहला शिक्षा बोर्ड बन गया है।

यह खबर भी पढ़े: New Traffic rules: दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों को मिल सकती है जुर्माने में भारी राहत

सीबीएसई की अध्यक्ष अनीता करवाल ने आज यहाँ 34 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जाने के बाद समारोह को सम्बोधित करते हुए यह जानकारी दी। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इन शिक्षकों को ये पुरस्कार प्रदान किये और आर्टिफीसियल इंटेलीजेन्स का पाठ्यक्रम एवं सीबीएसई की गतिविधियों का वार्षिक कलेंडर तथा दीक्षा की ई-पाठ्य सामग्री भी जारी की।

गुजरात कैडर की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी श्रीमती करवाल ने बताया कि भारत पहला ऐसा देश है दुनिया का जहाँ स्कूलों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स का पाठ्यक्रम तैयार किया गया है और सीबीएसई विश्व का पहला शिक्षा बोर्ड है जिसने इसे सम्भव किया है। उन्होंने बताया कि इंटेल कम्पनी की मदद से इसे तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि हमने शिक्षा में नये प्रयोग करने और नवाचार को बढ़ावा देने तथा छात्रों के सम्पूर्ण विकास के लिए दस मोडुल्य तैयार किये हैं। इनमे एक आनंद दायक गणित भी शामिल है। हमने पहले दो चरण वाला गणित शुरू किया था एक आसांन गणित और एक सामान्य गणित अब अगले साल से उन दोनों पेपर की परीक्षा होगी।

उन्होंने बताया कि दैनिक जीवन में गणित और विज्ञान को जोड़ने के लिए विज्ञान का ओलिंपियाड भी होगा ,इसके अलावा भारतीय कला को भी शिक्षा सम्बन्धी गतिविधियों में शामिल किया जायेगा और संगीत नृत्य का भी अध्यापन में उसका इस्तेमाल होगा। उन्होंने बताया कि स्कूलों में इको लैब भी बनाये जायेंगे और इसके लिए एक एप्प भी 30 सितम्बर को लांच होगा, जिससे निगरानी भी की जायेगी।

उन्होंने बताया कि स्कूलों को अपने प्रदर्शन का आकलन करने के लिए स्व आकलन प्रणाली भी विकसित की गयी है और इसके लिए तीन वर्ग बनाये गये हैं। इसके अलावा अब छात्र बिजनेस स्टडीज और फैशन स्टडीज जैसे विषयों को भी पढ़ सकेंगे और भविष्य में उसे अपने जीवन का पेशा बनाने के बारे में जान सकेंगे।

श्रीमती करवाल ने बताया कि विद्या दान के तहत 22 हज़ार स्कूलों से पढ़ाई की सामग्री प्राप्त कर सौ ई-पाठ्य सामग्री बनाई गयी और दीक्षा पोर्टल पर अपलोड भी कर दिया गया है। यह सामग्री पूरी तरह मुफ्त होगी और हर कोई इसे डाउन लोड कर सकता है।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

More From national

Trending Now
Recommended