संजीवनी टुडे

हैदराबाद एनकाउंटर असली नहीं बल्कि नकली न्याय है: महिला संगठन

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 06-12-2019 15:40:31

आल इंडिया प्रोग्रेसिव वुमेन्स एसोसिएशन ने हैदराबाद बलात्कार कांड के चार संदिग्धों को सुबह मुठभेड में मार गिराने की घटना की कड़ी निंदा की है और इसकी जांच कराने की मांग की है।


नई दिल्ली। आल इंडिया प्रोग्रेसिव वुमेन्स एसोसिएशन ने हैदराबाद बलात्कार कांड के चार संदिग्धों को सुबह ‘मुठभेड़’ में मार गिराने की घटना की कड़ी निंदा की है और इसकी जांच कराने की मांग की है।

एसोसिएशन की अध्यक्ष रति राव, महासचिव मीना तिवारी और सचिव कविता कृष्णन द्वारा शुक्रवार यहां जारी बयान में कहा गया है कि इस ‘मुठभेड़’ से अब यह बताया जाएगा कि बलात्कार कांड में ‘न्याय’ हो चुका है, पीड़िता का बदला ले लिया गया है लेकिन यह न्याय नकली है।

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बयान में कहा गया है कि हमें यह भी याद रखना चाहिए कि ये चार लोग संदिग्ध थे। हम नहीं जानते कि हिरासत मे मारे गए चारों लोग वास्तव में हैदराबाद में डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या करने वाले हैं भी अथवा नहीं।

उन्होंने कहा कि हैदराबाद और तेलंगाना पुलिस इस प्रकार की हिरासत में हत्या के लिए कुख्यात हैं। 2008 में तेलंगाना पुलिस ने एक एसिड हमले के मामले में आरोपी तीन लोगों की हिरासत में हत्या कर दी थी। वह हत्या हैदराबाद, तेलंगाना या भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराध की निवारक नहीं हुई। महिलाओं पर एसिड अटैक, बलात्कार, हत्याएं लगातार हो रही हैं।

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हम इस कथित ‘मुठभेड़’ की गहन जांच की मांग करते हैं। जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए और अदालत में यह साबित करने के लिए कहा जाना चाहिए कि वो सभी चार लोग आत्मरक्षा में मारे गए। यह केवल मानवाधिकारों के लिए ही नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों के लिए भी क्यों महत्वपूर्ण है? क्योंकि एक पुलिस बल जो हत्या कर सकता है, जिससे कोई भी प्रश्न नहीं पूछा जा सकता।

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