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वीर योद्धा लाचित बोरफुकन ने मातृभूमि की रक्षा के लिये आक्रमणकारियों के छक्के छुड़ाये थे : शाह

संजीवनी टुडे 24-11-2020 15:32:39

गृह मंत्री अमित शाह ने असम के सराईघाट की लड़ाई में मुगलों के छक्के छुड़ाने वाले वीर योद्धा लाचित बोरफुकन की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि अहोम सेना के इस सेनापति के बारे में युवाओं को जानना चाहिए


नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के सराईघाट की लड़ाई में मुगलों के छक्के छुड़ाने वाले वीर योद्धा लाचित बोरफुकन की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि अहोम सेना के इस सेनापति के बारे में युवाओं को जानना चाहिए, जिसने मातृभूमि की रक्षा के लिये आक्रमणकारियों को खदेड़ा। 

शाह ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, " वीर योद्धा लाचित बोरफुकन को श्रद्धांजलि मैं युवाओं से आहोम सेना के इस महान सेनापति के बारे में जानने की अपील करता हूं, जिन्होंने सराईघाट की लड़ाई में मातृभूमि की रक्षा के लिए आक्रमणकारियों को खदेड़ा। उनकी बहादुरी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।"

वीर सेनानी लाचित का जन्म साल 24 नवम्बर 1622 को हुआ था । बोरफुकन उनकी पदवी थी, जिसका मतलब होता है सेनापति। लाचित जमीन से जुड़े योद्धा थे। उनका जन्म भले ही असम में सत्तासीन अहोम राजवंश से जुड़े एक बड़े सामंत के घर हुआ था, लेकिन उन्हें अपने सैनिकों के साथ भोजन करने या उठने बैठने में कोई हिचक नहीं थी। यही कारण था कि उनके नेतृत्व में आहोम सैनिकों का मनोबल बेहद ऊंचा रहता था और मुगल सेना भयभीत रहती थी। 

सराईघाट में वर्ष 1671 में हुए युद्ध ने लाचित बोरफुकन का नाम अमर कर दिया। उनकी वजह से औरंगजेब का असम पर कब्जे का सपना चकनाचूर हो गया था। 

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