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आरुषि मर्डर मिस्ट्री : सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं हेमराज की पत्नी, तलवार दंपती की रिहाई को दी चुनौती

संजीवनी टुडे 15-12-2017 11:44:00

नई दिल्ली। नोएडा का हाईप्रोफाइल आरुषि-हेमराज मर्डर केस अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। डॉक्टर दंपती राजेश और नूपुर तलवार की रिहाई के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को हेमराज की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया है। इस डबल मर्डर केस को लेकर कोर्ट में दायर की गई याचिका में हेमराज की पत्नी खुमकला बंजाडे ने रिहाई के फैसले को गलत बताया है। 

उन्होंने निचली अदालत के फैसले को बहाल करने की अपील की है। 9 साल पुरानी इस मर्डर मिस्ट्री में 13 अक्टूबर को तलवार दंपती को डासना जेल से रिहाई मिली थी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तलवार दंपती को सजा के आधार को नाकाफी बताया था। इससे पहले 28 नवंबर 2013 को गाजियाबाद की सीबीआई अदालत ने आरुति के माता-पिता को ही डबल मर्डर का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट की बेंच ने इस फैसले को पलट दिया था और तलवार दंपती को रिहा करने का फैसला सुनाया था।

हेमराज डॉक्टर राजेश तलवार का घरेलू सेवक था। मई 2008 में तलवार दंपती के आवास पर उनकी बेटी आरुषि का शव मिला था। संदेह की सुई शुरू में उनके 45 साल के नौकर हेमराज पर गई जो लापता था, लेकिन बाद में उसका शव भी इमारत की छत से मिला। 

हेमराज की पत्नी ने कहा कि हाई कोर्ट ने आरुषि की मौत को हत्या तो माना लेकिन दोषी किसी को भी नहीं ठहराया है। कोर्ट ने अपने फैसले में यह नहीं कहा कि हत्या किसने की है। ऐसे में जांच एजेंसी का यह फर्ज है कि वह असली हत्यारे का पता लगाए। इस याचिका में हेमराज की पत्नी के सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का भी हवाला दिया है। इसमें यह कहा गया है कि अगर घर के भीतर कोई हत्या होती है तो घर में मौजूद व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह घटनाक्रम की जानकारी दे। लेकिन इस केस में तलवार दंपती यह बताने में असफल रहे हैं कि आरुषि और हेमराज की हत्या कैसे हुई और किसने की। 
 

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