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वेब सीरीज 'बैड बॉय बिलियनेयर्स' की प्रिव्यू की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई टली

संजीवनी टुडे 29-09-2020 22:02:48

कोर्ट ने पिछले 23 सितम्बर को सुनवाई के दौरान मेहुल चोकसी के वकील से पूछा था कि क्या आप जांच में सहयोग कर रहे हैं। तब विजय अग्रवाल ने कहा था कि


नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाला मामले के आरोपी मेहुल चोकसी की नेटफ्लिक्स पर आने वाली वेब सीरीज बैड बॉय बिलियनेयर्स की प्रिव्यू की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी है। चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच इस याचिका पर 13 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।

कोर्ट ने पिछले 23 सितम्बर को सुनवाई के दौरान मेहुल चोकसी के वकील से पूछा था कि क्या आप जांच में सहयोग कर रहे हैं। तब विजय अग्रवाल ने कहा था कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। कुछ मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई है और कुछ में जांच चल रही है। चार मामलों में हाईकोर्ट ने समन पर रोक लगाया हुआ है। तब कोर्ट ने कहा था कि धारा 226 के तहत आपका व्यवहार काफी महत्वपूर्ण है। आप अब भारत के नागरिक नहीं रहे। आप कह रहे हैं कि निष्पक्ष ट्रायल हो लेकिन उसके लिए ट्रायल तो होना चाहिए। आप एंटीगुआ में बैठे हैं। आप इस मामले में दीवानी अदालत क्यों नहीं जा रहे हैं। तब विजय अग्रवाल ने कहा था कि हम चाहते हैं कि इसे सिंगल बेंच के पास भेजा जाए। सिंगल बेंच का फैसला कुछ कहता ही नहीं है।

अग्रवाल ने कहा था कि कोर्ट को मौलिक अधिकारों के हनन के मामल में हस्तक्षेप करना चाहिए। तब कोर्ट ने कहा था कि वेब सीरिज का क्या हुआ। तब अग्रवाल ने कहा था कि उनमें से दो ने याचिकाएं दायर की हैं। अभी तक ये सीरिज जारी नहीं की गई हैं। सुब्रत राय ने बिहार के कोर्ट से रोक का आदेश ले लिया। सुप्रीम कोर्ट ने हमें हाईकोर्ट जाने को कहा है। रामलिंगम राजू ने भी रोक का आदेश ले लिया है । तब नेटफ्लिक्स ने कहा कि सीरिज को रिलीज नहीं करना वाणिज्यिक फैसला है।

नेटफ्लिक्स की ओर से वकील नीरज किशन कौल ने कहा था कि पूरी याचिका दो मिनट के क्लिप पर आधारित है। नेटफ्लिक्स ने उस वीडियो में मेहुल चोकसी का नाम भी नहीं लिया है बल्कि नीरव मोदी का नाम लिया है। उन्हें दो मिनट का वीडियो दिखाया गया है। याचिक में कहा गया है कि ओटीटी प्लेटफार्म को रेगुलेट किया जाए। उन्होंने कहीं जांच में सहयोग नहीं किया है। वे यह कह रहे हैं कि वे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जांच में सहयोग करना चाहते हैं। उनके खिलाफ रेड अलर्ड नोटिस जारी किया जा चुका है। हर मामले में वो भगोड़ा घोषित हो चुके हैं। कौल ने कहा था कि सिंगल जज ने सही कहा है कि ओटीटी प्लेटफार्म को रेगुलेट करने के लिए  अभी कोई कानून नहीं है। अगर इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी के तहत उपाय है तो उसका इस्तेमाल करें।

नेटफ्लिक्स ने अपने हलफनामे में कहा है कि मई 2019 में इस वेब सीरिज के लिए मेहुल चोकसी का इंटरव्यू किया गया था। चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच इस मामले पर सुनवाई करेगी। पिछले 22 सितंबर को नेटफ्लिक्स ने हाईकोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि इस सीरीज से उनके मुकदमे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाला मामले का आरोपी है। मेहुल ने बैड बॉय बिलियनायर्स के प्रिव्यू की मांग की है। पिछले 7 सितंबर को कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए नेटफ्लिक्स और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था।

इसके पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच मेहुल चोकसी की याचिका खारिज कर चुका है। पिछले 28 अगस्त को हाईकोर्ट ने मेहुल चोकसी की याचिका खारिज कर दिया था। जस्टिस नवीन चावला की बेंच ने कहा था कि इस मामले में दीवानी केस दायर किया जाना चाहिए क्योंकि इसमें निजी अधिकारों के उल्लंघन का मामला है। सिंगल बेंच ने वेब सीरिज के प्रिव्यू की भी इजाजत नहीं दी थी। सिंगल बेंच ने कहा था कि ओटीटी प्लेटफॉर्म के कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए कोई कानून नहीं है। सिंगल बेंच ने ऐसी ही एक याचिका पर हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच के फैसले का हवाला दिया था।

मेहुल चोकसी गीतांजलि जेम्स का प्रमोटर है। मेहुल चोकसी और नीरव मोदी पर पीएनबी के साथ 13,500 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड का आरोप है। मेहुल चोकसी, नीरव मोदी और उनकी पत्नी अमी भारत छोड़कर फरार हो चुके हैं। ईडी ने मेहुल चौकसी, अमी मोदी और नीरव मोदी पर साजिश रचने और मनी लांड्रिंग के तहत केस दर्ज किया है।

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