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गलवान घाटी विवाद: आज भारत और चीन के बीच होगी कोर कमांडर स्तर की बैठक

संजीवनी टुडे 30-06-2020 06:30:00

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत औ​र चीन के बीच ​लगातार बढ़ रहे ​तनाव ​को दूर करने के लिए राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर लगातार​ प्रयास ​किये जा रहे हैं।


​नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत औ​र चीन के बीच ​लगातार बढ़ रहे ​तनाव ​को दूर करने के लिए राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर लगातार​ प्रयास ​किये जा रहे हैं। इसी बीच ​क्रम में दोनों देशों के बीच ​​​लेफ्टिनेंट जनरल स्तर पर तीसरे दौर की बैठक ​भारतीय ​क्षेत्र के ​चुशुल​ ​में मंगलवार को फिर सुबह 10.30 बजे से ​होगी।​ दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर पर ​दूसरे दौर की ​बैठक ठीक एक हफ्ते पहले 22 जून को चीन के इलाके मॉल्डो ​में हुई थी जिसमें ​भारत ने चीन से दो टूक एलएसी​ ​से अप​नी सेना हटाकर 2 मई से पहले की स्थिति बहाल कर​ने को कहा था​। ​इसके बावजूद चीन के सैनिक अभी भी वहीं पर जमे हैं जहां पिछली बैठक के समय थे​​।​ 

​गलवान घाटी में 15/16 जून की रात चीन और भारत के बीच हुई हिंसक भिड़ंत के बाद पहली बार 22 जून को चीन इलाके के चुशुल-मोल्दो में कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई थी। ​इस वार्ता में भारत ने चीन से दो टूक कहा है कि पहले लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (​​एलएसी) से अपने सेना हटाकर 2 मई से पहले की स्थिति बहाल करें, तभी आगे की बातचीत संभव है​​।​ इसके बावजूद ​वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) ​पर यथास्थिति में कुछ भी बदलाव नहीं आया है​​​।​ ​मंगलवार की वार्ता ​भी ​​लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की होगी, जो सुबह 10.30 बजे वास्तविक नियंत्रण रेखा के ​​भारतीय ​क्षेत्र के चुशुल में होगी​​।​ इसमें भारत की तरफ से​ भारतीय सेना की 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह तथा चीन की तरफ से मेजर जनरल लिन लियू अपनी टीम की ​अगुवाई करेंगे​​।​ ​​इससे पहले पिछले दो दौर की वार्ता चीनी पक्ष के ​​मॉल्डो में हुई है​​​​​​।​ इन्हीं दोनों अधिकारियों के बीच 6 जून को ​पहले दौर की ​वार्ता हुई थी जिसमें बनी सहमति का चीन पक्ष से पालन नहीं किया गया जिसकी वजह से गलवान में भारत और चीन के सैनिकों में भिड़ंत हुई​​​​। ​

गलवान घाटी में गतिरोध को लेकर भारत ने बीजिंग को जिम्मेदार ठहरा​ते हुए कहा था कि मई की शुरुआत से ही चीन ​ने ​एलएसी पर भारी संख्या में युद्ध सामग्री और सैनिक जुटा​कर गलवान घाटी में भारत की पारंपरिक गश्त को बाधित करने की कोशिश की​​।​ इसके साथ ही एलएसी ​की यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास किया है जिसकी वजह से गलवान घाटी ​में भारतीय और चीन की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हुए​।​ ​चीन की ​इस हिंसक ​कार्रवाई को लेकर भारत ने कूटनीतिक तथा सैन्य माध्यमों से विरोध दर्ज कराया था​​।​

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