संजीवनी टुडे

उन्नाव पीड़िता का हुआ अंतिम संस्कार; 25 लाख मुआवजा, सरकारी नौकरी और घर का आश्वासन

संजीवनी टुडे 08-12-2019 15:21:08

उत्तर प्रदेश में उन्नाव पीड़िता का शव जिला अधिकारी देवेन्द्र पांडेय की मौजूदगी में शनिवार देर रात उसके परिजनों को सौंपा गया। दिल्ली से पीड़िता का शव लेकर एक वाहन सड़क मार्ग से रात 9:06 पर गांव पहुंचा। यहां पहले से ही मौजूद डीएम समेत प्रशासनिक अमले ने सुरक्षा घेरा बनाकर पीड़िता का शव उसके परिजनों


नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में उन्नाव पीड़िता का शव जिला अधिकारी देवेन्द्र पांडेय की मौजूदगी में शनिवार देर रात उसके परिजनों को सौंपा गया। दिल्ली से पीड़िता का शव लेकर एक वाहन सड़क मार्ग से रात 9:06 पर गांव पहुंचा। यहां पहले से ही मौजूद डीएम समेत प्रशासनिक अमले ने सुरक्षा घेरा बनाकर पीड़िता का शव उसके परिजनों को सौंपा। शव वाहन में पीड़िता का भाई, मां व बहन भी साथ आए थे। आज पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों ने परिवार से बात की और अंतिम संस्कार के लिए लिए राजी किया। परिवार जनों की मांग थी की अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री शामिल हो। पीड़िता के अंतिम संस्‍कार की प्रशासनिक तैयारियों के बीच मृतका की बहन ने कहा था कि जब तक मुख्यमंत्री आदित्‍यनाथ मौके पर नहीं आते और कड़ी कार्रवाई का आश्‍वासन नहीं देते, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। 

यह खबर भी पढ़ें: राजस्थान/ पुरे देश में प्याज ने निकाले आंसू, लेकिन इस जिले के किसानों में महंगे प्याज से खुशी की लहर, हुई बल्ले-बल्ले

प्रधानमंत्री आवास आवास योजना फंड से पीड़िता के परिवार के लिए 25 लाख के मुआवजे का ऐलान हुआ है। खबरों की माने तो जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पीड़िता की बहन को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया है, जिसके बाद परिजन पीड़िता के अंतिम संस्कार के लिए मान गए। बाद में कड़ी सुरक्षा के बीच गांव के बाहर एक खेत में शव को दफना दिया गया। पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने बताया कि हम लोग जल्‍द न्‍याय दिलाने के लिए सांइन्‍टफिक एवीडेन्‍स कलेक्‍ट कर रहे थे। स्‍पेशल टीम बुलाया था। इस मामले को जल्‍द से जल्‍द जांच पूरा करके चार्जशीट दाखिल करेंगे ताकि इसका ट्रायल जल्‍द से जल्‍द पूरा हो और इनको इंसाफ दिला सकें।

यह खबर भी पढ़ें: पति अस्पताल में बन गया कुर्सी और ऊपर बैठ गई पत्नी, हर जगह हो रही हैं वाहा-वाही, आप भी देखिये PHOTOS

गौरतलब हैं उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी के लिए करीब 44 घंटे तक जूझी, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। हालांकि वह जान बचान के लिए एक किलोमीटर दूर तक दौड़ती रही और फिर किसी तरह उसे लखनऊ अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसे दिल्ली के लिए रेफर किया गया था। वही इस मामले में उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। सांसद साक्षी महाराज ने कहा- मैं और मेरी पार्टी पीड़िता के परिवार के साथ है। मैं इस संबंध में संसद में भी बोलता रहा हूं। मामले में सभी अभियुक्त गिरफ्तार कर लिए गए हैं, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इन्होंने उन्नाव का नाम खराब किया है। 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

More From national

Trending Now
Recommended