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पूर्व CM शांता कुमार ने पीएम मोदी के एक देश-एक चुनाव के सुझाव का किया समर्थन

संजीवनी टुडे 27-11-2020 21:08:19

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक देश एक चुनाव के सुझाव का समर्थन किया है।


पालमपुर (हिमाचल प्रदेश)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक देश एक चुनाव के सुझाव का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि यह सुझाव बेहद महत्वपूर्ण है। यह देश की आज स्थिति में अत्यन्त आवश्‍यक और लाभदायक है। शांता ने सभी राजनीतिक दलों से इस सुझाव को स्वीकार करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक लाभ धन की बचत है। विधानसभा और लोकसभा का चुनाव एक साथ होने से अरबों रुपये की बचत होगी। भारत में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव ही अलग अलग नहीं होते बल्कि अलग-अलग समय पर विधानसभाओं के चुनाव या उप चुनाव भी होते रहते हैं। इन चुनावों पर बहुत ज्यादा पैसा खर्च होता है। यह विकास की दृष्टि से बड़ा अपराध है।

उन्होने कहा कि कोरोना संकट के कारण देश भयंकर आर्थिक संकट में है। इस लिहाज से यह सुझाव महत्वपूर्ण है। भाजपा के वरिष्‍ठ नेता ने कहा कि आज पूरा देश पांच साल बाद चुनाव के मूड में रहता है। विकास का मूड बहुत कम बनता है। अभी बिहार का चुनाव समाप्त हुआ और उसके बाद पश्चिम बंगाल के चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। सभी दलों के नेता इस प्रकार पूरे पांच साल चुनाव में ही उलझे रहते हैं।

उन्होने कहा कि चुनाव में सरकारों का धन तो खर्च होता ही है। राजनीतिक दल और उम्मीदवार भी करोड़ों-अरबों रुपये खर्च करते हैं। यह एक कड़वी सच्चाई है कि चुनाव में सभी पार्टियां कालेधन का उपयोग करती हैं। यह बहुत बड़ा कलंक है।

उन्होने कहा कि ग्लोबल हंगर इन्डेक्स की रिपोर्ट के अनुसार जिस देश में 16 करोड़ लोग रात को भूखे पेट सोने को मजबूर हों, उस देश में बार-बार चुनाव पर अरबों रुपये खर्च करना मूर्खता के साथ अपराध भी है।

शांता कुमार ने कहा कि  अटल बिहारी वाजपेयी के समय में इस विषय पर गंभीरता से विचार हुआ था। मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों की कई बार प्रधानमंत्री से अनौपचारिक  बातचीत भी हुई थी। अटल जी ने एक बार  विपक्षी दलों के नेताओं से भी चर्चा की थी। उन्हें याद है कि एक बार उन्होंने और शेखावत ने इस योजना का जोरदार समर्थन किया था। इसका बैठक में एक ही बात पर विरोध हुआ था कि यदि किसी प्रदेश में अविश्वास प्रस्ताव सरकार गिर जाए तो क्या किया जा सकता है। 

उन्होंने कहा कि गरीबी और बेरोजगारी से जूझते भारत जैसे देश में प्रधानमंत्री  का यह सुझाव जल्द स्वीकार किया जाना चाहिए। यह  कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त करने जैसा कदम होगा।

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