संजीवनी टुडे

उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में सर्वप्रथम ई-ऑफिस का किया शुभारंभ

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 23-10-2019 21:36:10

भारतीय रेलवे के महत्वपूर्ण और अग्रणी जोन उत्तर मध्य रेलवे के तीन मंडलों में से सबसे पहले झांसी मंडल में पेपरलैस वर्किंग की ओर कदम बढ़ाते हुए बुधवार को ई-ऑफिस का उद्घाटन किया गया।


झांसी। भारतीय रेलवे के महत्वपूर्ण और अग्रणी जोन उत्तर मध्य रेलवे के तीन मंडलों में से सबसे पहले झांसी मंडल में पेपरलैस वर्किंग की ओर कदम बढ़ाते हुए बुधवार को ई-ऑफिस का उद्घाटन किया गया।

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महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने झांसी मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में रिमोट द्वारा ई-ऑफिस का आगाज किया गया। इस प्रणाली को इस्तेमाल करते हुए पहली ई-फाइल परिचालन विभाग द्वारा भेजी गई | ई-ऑफिस मूलत: डिजिटल वर्कप्लेस सॉल्यूशन है जिसे भारतीय रेल की पब्लिक सेक्टर यूनिट-रेलटेल द्वारा विकसित किया गया है।

इसके माध्यम से संपूर्ण भारतीय रेल में वर्तमान कार्य प्रणाली को कागज़ों से हटाकर डिजिटलीकृत किया जा रहा है। चौधरी ने औपचारिक शुभारंभ के बाद अपने संबोधन कहा कि भारतीय रेल के लिए अधिक दक्षता और उत्पादकता हासिल करना जरूरी है और उसे हासिल करने मे ई-ऑफिस एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इससे पेपरलेस कार्य संस्कृति को बढ़ावा देगा, न केवल ऑपरेटिंग कॉस्ट घटेगी, बल्कि कार्य प्रणाली भी पर्यावरण मित्र बनेगी। उत्तर मध्य रेलवे के तीनों मंडलों प्रयागराज, आगरा और झांसी में से सबसे पहले डिजिटलाइजेशन की ओर कदम बढ़ाने के लिए महाप्रबंधक ने झांसी मंडल को बधाई दी। इस डिजिटल वर्कप्लेस सॉल्यूशन का उद्देश्य कागज के उपयोग कमी, अधिक पारदर्शिता , जवाबदेही, सुनिश्चित डेटा इंटीग्रिटी और सुरक्षा के साथ कार्य संस्कृति में सकारात्मक बदलाव , समय तथा मानव संसाधन की बचत करना है।

ई-ऑफिस एक क्लाउड इनेबल्ड सॉफ्टवेयर है, जो रेलटेल टियर III सर्टिफाइड डेटा सेंटर से होस्ट किया जा रहा है। यह ई-ऑफिस प्रक्रिया (सीएसएमईओपी) के केंद्रीय सचिवालय मैनुअल पर आधारित है। ई-ऑफिस में डेटा की पर्याप्त सुरक्षा के लिए शत प्रतिशत डेटा बैकअप सुनिश्चित करने वाले दो एक्स्लूसिव सर्वर प्रदान किए जाते हैं।

ई-ऑफिस पर डिजिटल फ़ाइल की डीलिंग को भौतिक फ़ाइल के समान ही रखा गया है ताकि कर्मचारी इस पर कार्य के लिए आसानी से अपने को ढाल सकें और परंपरागत पेपर फ़ाइल प्रक्रिया को समाप्त किया जा सके। वर्तमान में लागू होने वाले ई-ऑफिस सिस्टम मेेें 04 मॉड्यूल जैसे फाइल मैनेजमेंट सिस्टम, नॉलेज मैनेजमेंट सिस्टम ,कोलैबरेशन और मैसेजिंग सर्विसेज और कार्मिक सूचना प्रबंधन प्रणाली होंगे। इस प्रणाली को पूरी तरह से उपयोग में लाने और मैनुअल फाइल सिस्टम बंद करने से इसके लाभ परिलक्षित होंगे । इसका प्रयोग अंतिम उपयोगकर्ता के लिए अवश्य ही सुखद अनुभव होगा, ई-ऑफिस भारतीय रेलवे के डिजिटलीकरण में एक मील का पत्थर साबित होगा।

उत्तर मध्य रेलवे में ई-ऑफिस को लागू करने की प्रक्रिया इस साल अप्रैल में शुरू हुई थी, तब से उत्तर मध्य रेलवे के सभी 1087 उपयोगकर्ताओं का पंजीकरण, प्रशिक्षण, डिजिटल हस्ताक्षर बनवाना, फ़ाइल नंबरिंग सिस्टम की प्रक्रिया आदि कार्य चरणबद्ध तरीके से किए गए। महाप्रबंधक महोदय द्वारा ई-ऑफिस के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए 5000 रूपये के इनाम की घोषणा भी की गई |

इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक संदीप माथुर, अपर मंडल रेल प्रबंधक अमित सेंगर ,मंडल वाणिज्य प्रबंधक अखिल शुक्ला, वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक अमृतांशु मौर्य सहित सभी प्रमुख अधिकारीगण उपस्थित रहे ।

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