संजीवनी टुडे

सोशल मीडिया के साथ चुनाव आयोग की बैठक, मंच के दुरुपयोग पर हो कार्रवाई

संजीवनी टुडे 19-03-2019 22:33:42


नई दिल्ली। सोशल मीडिया और इंटरनेट सेवा प्रदाता ने मंगलवार को चुनाव आयोग से कहा कि वह जल्द ही अपने प्लेटफॉर्म के लिए एक आचार संहिता लेकर आएंगे ताकि चुनाव के दौरान उनके मंच का गलत उपयोग न हो सके।चुनाव आयोग ने मंगलवार को लोकसभा चुनाव-2019 से पहले सोशल मीडिया के उपयोग पर विभिन्न सोशल नेटवर्किंग साइट और इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया(आईएएमएआई) के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया।

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बैठक की शुरुआत में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आदर्श आचार संहिता का उल्लेख किया, जिसका चुनाव की प्रक्रिया के समापन तक सभी राजनीतिक दलों व संस्थाओं द्वारा चुनाव की घोषणा की तिथि से पालन करना पड़ता है। सुनिल अरोड़ा ने कहा कि यह कोड विभिन्न राजनीतिक दलों और आयोग के बीच विकसित आम सहमति का परिणाम है। वास्तव में इस संहिता ने कानून के अधिक कड़े प्रावधानों की आवश्यकता को कम कर दिया। अरोड़ा ने सोशल मीडिया संगठनों से कहा कि उन्हें भी तत्काल संदर्भ में चल रही चुनाव प्रक्रिया के लिए समान कोड विकसित करना चाहिए, जो लंबे समय में स्थायी दस्तावेज के रूप में काम करे।

चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने बताया कि आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में राजनीतिक व्यवहार को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक संयम सभ्य समाज की पहचान है और किसी भी आदान प्रदान में प्रभावी रूप से काम करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि चुनाव या राजनीतिक उद्देश्यों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का दुरुपयोग नहीं करने के लिए उपयोगकर्ताओं की स्वेच्छा से सहमत होने पर एक स्पष्ट निति निर्देश पर विचार किया जाना चाहिए।

चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने सोशल मीडिया प्रतिनिधियों को याद दिलाया कि भारत का चुनाव आयोग नैतिक, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जानकारी फैलाने में मदद करने के साथ-साथ गलत सूचना पर अंकुश लगाने में सोशल मीडिया की भूमिका को भी कम करके नहीं आंका जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने वाले उपयोगकर्ताओं के खिलाफ कुछ दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। चंद्रा ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सहभागी दृष्टिकोण से अयोग को अपने उद्देश्यों को पूरा करने में बहुत मदद मिलेगी। यह बैठक संगठनों द्वारा समर्पित कार्रवाई के लिए समर्पित शिकायत चैनल की नियुक्ति, राजनीतिक विज्ञापनों के व्यय में पूर्व प्रमाणीकरण और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर चर्चा करने पर केंद्रित थी। 

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बैठक में आरपीसी अधिनियम,1951 की धारा-126 के उल्लंघन और इन प्लेटफार्मों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्मों द्वारा एक अधिसूचना तंत्र विकसित करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।आज की बैठक में उद्योग प्रमुख इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया और फेसबुक, व्हाट्सअप, ट्विटर, गूगल, शेयरचैट, टिक्कॉक और बिगटीवी जैसे सामाजिक मीडिया संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सोशल मीडिया ने बुधवार शाम तक परिचालन विवरण देने की इच्छा व्यक्त की।

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