संजीवनी टुडे

धारा 370 को लेकर डोगरा सभा ने कही ये बात, जानिए

संजीवनी टुडे 07-08-2020 20:18:41

डोगरा सदर सभा (डीएसएस) ने शुक्रवार को कहा कि धारा 370 की समाप्ति के बाद से केन्द्र शासित जममू व कश्मीर में प्रशासन और आम लोगों के बीच दूरियां बढ़ी हैं


जम्मू। डोगरा सदर सभा (डीएसएस) ने शुक्रवार को कहा कि धारा 370 की समाप्ति के बाद से केन्द्र शासित जममू व कश्मीर में प्रशासन और आम लोगों के बीच दूरियां बढ़ी हैं।


सभा के अध्यक्ष ठाकुर गुलचैन सिंह चाढ़क की अध्यक्षता में हुई सभा की केंद्रीय कार्यसमिति की एक विशेष बैठक के दौरान यह मांग उठाई गई। इस दौरान शारीरिक दूरी के नियम और अन्य कोविद-19 सावधानियों का कड़ा पालन किया गया। इस दौरान लोगों की आकांक्षाओं और सरकारी डिलीवरी के मद्देनज़र केंद्र शासित सरकार के एक साल के कामकाज की समीक्षा की गई और नव नियुक्त उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का स्वागत किया गया। सभा ने कहा कि उनसे जम्मू-कश्मीर के भविष्य के लिए बहुत उम्मीदें और अपेक्षाएं रखी हैं।

इस दौरान सदस्यों ने महसूस किया कि 5 अगस्त 2019 के बाद प्रशासन और लोगों के बीच जमीनी संबंध स्थापित नहीं किए जा सके है। प्रशासन लोगों की आकांक्षाओं और उम्मीदों पर पूरा नहीं उतर पाया है।  भ्रष्टाचार, भेदभाव, लोगों के प्रति प्रशासनिक उदासीनता लगातार जारी है। अपने प्रस्तावों और परियोजनाओं को लागू नहीं किया जाना और अपने ही आदेशों को वापस लेने से लोगों में अविश्वास और हताशा पैदा हुई है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर बैंक में नियुक्तियों के संबंध में उल्लेख करते हुए नियुक्तियों में भूतपूर्व सैनिकों के आरक्षण से इनकार, डोमिसाइल संबंधी आदेशों पर भ्रम की स्थिति सहित कई मसले उठाए।


उन्होंने एक पूर्णकालिक डुग्गर चैनल की लंबित मांग के खिलाफ डीडी जम्मू को बंद करने के प्रस्ताव का हवाला दिया, रेडियो स्टेशन जम्मू के समुचित कामकाज के साथ ही रहबर-ख़ेल और रहबरे तालीम के सामने आने वाली मुश्किलों पर भी चर्चा की। वहीं जम्मू क्षेत्र में टोल प्लाज़ा बनाने पर भी सदस्यों ने चिंता जताई। साथ ही कहा कि यूटी में 4 जी इंटरनेट की अनुपलब्धता ने लोगों की पीड़ा को बढ़ा दिया है और साथ ही साथ चल रहे कोविद-19 के वातावरण ने युवाओं को अवसरों से वंचित कर दिया है।

सदस्यों ने जम्मू व कश्मीर को राज्य का दर्जा हाल करने की मांग भी दोहराई जिसका कि प्रधान मंत्री द्वारा वादा किया गया था। इसके अलावा राज्य की पहचान और संस्कृति को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न उपाय किए जाने पर भी बल दिया गया। वहीं मुबारक मंडी के सरंक्षण की मांग को भी सदस्यों ने दाहराया। 

बैठक में भाग लेने वालों में प्रमुख प्रेम सागर गुप्ता, कर्नल करण सिंह जम्वाल, ब्रिगेडियर एम. एस. जम्वाल, कर्नल डॉ. वीरेंद्र साही, वीर चक्र, गंभीर देव सिंह चाढ़क, जी.ए. ख्वाजा, अमानत अली शाह, सरदार बलविंदर सिंह, सरदार कुलबीर सिंह, छंकर सिंह, जगदीप सिंह, चौ. कमल सिंह, सुखदेव सिंह, छज्जू सिंह जम्वाल, ओ.पी.सांगड़ा, राजिंदर गुप्ता, रघुबीर सिंह, बलबीर सिंह, रोमेश सिंह, प्रेम पॉल सिंह, शंकर चंद, अमरीक सिंह, अश्वनी, अवनीत शर्मा और नरेंद्र चिब आदिशामिल थे।

यह खबर भी पढ़े: रक्षा मंत्रालय पर एक करोड़ जुर्माना, सेना के केंद्रीय कल्याण कोष में जमा करने का आदेश

यह खबर भी पढ़े: उप्र: कोरोना के 44,563 सक्रिय मामले, 15,035 लोग होम आइसोलेशन में

ऐसी ही ताजा खबरों व अपडेट के लिए डाउनलोड करे संजीवनी टुडे एप

More From national

Trending Now
Recommended