संजीवनी टुडे

हैदराबाद एनकाउंटर पर क्या बोले SC के चीफ जस्टिस एसए बोबडे?

संजीवनी टुडे 07-12-2019 18:08:59

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने बड़ा बयान दिया है। हैदराबाद में रेप के आरोपियों के एनकाउंटर के बाद देश में जश्न मन रहा है। तेलंगाना पुलिस की खूब तारीफ हो रही है। इस


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने बड़ा बयान दिया है। हैदराबाद में रेप के आरोपियों के एनकाउंटर के बाद देश में जश्न मन रहा है। तेलंगाना पुलिस की खूब तारीफ हो रही है। इस बीच चीफ जस्टिस एस ए बोबड़े का बयान आया है। जोधपुर में राजस्थान हाईकोर्ट की नई इमारत के उद्घाटन समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने कहा, देश में हाल की घटनाओं ने नए जोश के साथ पुरानी बहस छेड़ दी है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि न्याय प्रणाली को आपराधिक मामलों को निपटाने के लिए अपनी स्थिति, ढिलाई और अंतिम समय के प्रति दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करना चाहिए। न्याय कभी भी आनन-फानन में किया नहीं जाना चाहिए। 

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उन्होंने कहा कि अगर न्याय बदले की भावना से किया जाए तो अपना मूल चरित्र खो देता है। जस्टिस एसए बोबड़े ने कहा कि मैं नहीं समझता हूं कि न्याय कभी भी जल्दबाजी में किया जाना चाहिए। मैं समझता हूं कि अगर न्याय बदले की भावना से किया जाए तो ये अपना मूल स्वरूप खो देता है। उन्होंने कहा कि न्याय को कभी भी बदले का रूप नहीं लेना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि मेरा मानना है कि संस्थान को खुद को सही करना चाहिए, वास्तव में यह उस समय के दौरान किया गया था जब बहुप्रचारित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। 

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यह आत्म-सुधारात्मक उपाय से ज्यादा कुछ नहीं था। मैं इसे सही ठहराना नहीं चाहता। हैदराबाद एनकाउंटर के बाद उनका बयान काफी अहम हो जाता है।  सीजेआई बोबडे ने कहा, ''बदले की भावना से किया गया न्याय कभी इंसाफ नहीं हो सकता। न्याय बदले के रूप में नहीं होना चाहिए। मेरा मानना है कि न्याय जैसे ही बदला बनेगा, वह अपना स्वरूप छोड़ देगा।'' बता दें जस्टिस बोबडे ने 18 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश की शपथ ली।  सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो गए। न्यायाधीश बोबडे के पास 18 महीने का ही कार्यकाल है। 

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