संजीवनी टुडे

दीपावली ने उड़ाई 'मिलार्ड' की धज्जियां

संजीवनी टुडे 08-11-2018 15:54:44


लखनऊ। दीपावली के अवसर पर बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गयी। न्यायालय के आदेश के बावजूद राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में रात 10 बजे के बाद भी पटाखे जलाए गये। हालांकि बीते 23 अक्टूबर को आदेशानुसार दिवाली के दिन शाम 08 बजे से रात 10 बजे तक ही पटाखे फोड़ने की छूट थी।

न्यायालय के निर्देश दिए जाने के बाद भी राजधानी लखनऊ के कई इलाकों में लोगों ने जमकर पटाखे जलाया। मिलार्ड के आदेश का उल्लंघन हुआ और रात 10 बजे के बाद भी पटाखा बजाकर लोगों ने अवमानना की। 

उल्लेखनीय है कि शहर में पटाखे अपने-अपने घरों के छतों, ग​लियों, आदि स्थानों पर बजाए गये। ऐसे में पुलिस का यह पता लगाना मुश्किल था कि कौन से लोग नियमों का उल्लंघन करते हुए पटाखे जला रहे हैं। वहीं, अन्य जिलों के गांवों में भी न्यायालय की धज्जियां उड़ा रहे लोगों को चिन्हित कर पाना भी पुलिस के लिए मुश्किल काम था। शहर के बार्लिंगटन, कैसरबाग, गोमतीनगर, इंदिरानगर, जानकीपूरम सहित लगभग अन्य सभी इलाकों में रातभर जमकर पटाखे फोड़े गए। 
गुरुवार की सुबह लोगों ने बताचीत में बताया कि इन पटाखों के धुंआ का असर दो-तीन दिन बाद दिखेगा। जीना मुहाल हो जाएगा। लोगों की सेहत के लिए बिल्कुल सही नहीं है। वहीं, लोगों ने बताया कि पुलिस ने रात में पेट्रोलिंग की, लेकिन हर इलाकों में मौके पर पहुंच पाना नामुमकिन था। 
प्रतिक्रिया में

न्यायालय की उड़ाई धज्जियां

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दरअसल न्यायालय ने बीते 23 अक्टूबर को आदेश दिया था कि दिवाली ​के दिन केवल दो घंटे ही पटाखे बजाए जाएंगे। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए थे। वहीं, पटाखे दो घंटे कब बजाना है, यह तय करना केन्द्र व राज्य सरकारों पर छोड़ दिया गया था। हालांकि अधिकतर राज्यों ने यह समय शाम 08 बजे से रात के 10 बजे तय किया था। 

न्यायालय के इसी आदेश के खिलाफ सोशल मीडिया से लेकर गली चौराहों पर बहस छिड़ गयी और न्यायालय के आदेश पर प्रश्न खड़े होने लगे। प्रतिक्रिया में लोगों ने रात 10 बजे के बाद ही पटाखे फोड़ने की बात सोशल मीडिया समेत अन्य माध्यमों से कही और न्यायालय के आदेश पर जमकर चुटकी ली। लोगों ने कहा कि हिन्दुओं के त्यौहारों पर ही न्यायालय पर्यावरण बचाने के मुहिम में आगे आता है। वहीं, अन्य समुदायों के विषयों पर निर्णय देने के समय खामोश हो जाता है। 

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