संजीवनी टुडे

किसानों की याचिका पर कोर्ट ने थमाया UP सरकार को नोटिस

संजीवनी टुडे 21-01-2018 22:10:58

Court gives notice to farmers on petition of farmers

नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा के कासना गांव के 93 भूस्वामी किसान अधिग्रहित जमीन का मुआवजा बढ़ाने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने किसानों की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इनकी मांग है कि अन्य लोगों की तरह उन्हें भी जमीन का 65 रुपये प्रति वर्गगज के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। हाईकोर्ट ने इनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि 39 रुपये प्रति वर्गगज मुआवजे के बारे में इन किसानों का अथारिटी के साथ समझौता है।

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याचिका पर बहस करते हुए किसानों के वकील ऋषि मल्होत्रा ने कहा कि इन किसानों के साथ बड़ा अन्याय हुआ है। इनके साथ के अन्य भूस्वामी किसानों को 65 रुपये प्रति वर्गगज की दर से जमीन का मुआवजा मिला है जबकि इन्हें मात्र 39 रुपये प्रति वर्गगज की दर से ही मुआवजा दिया गया है। इन्हें भी अन्य समकक्ष किसानों की तरह 65 रुपये प्रति वर्गगज मुआवजा दिया जाए। मल्होत्रा ने इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट के अन्य किसानों की याचिका पर दिये गये फैसले का हवाला दिया जिसमें कोर्ट ने 65 रुपये प्रति वर्गगज की दर से मुआवजा दिये जाने के आदेश दिये थे। 

मल्होत्रा ने कहा कि हाईकोर्ट का यह कह कर याचिका खारिज कर देना कि 39 रुपये प्रति वर्गगज की दर से मुआवजे के बारे में किसानों और अथारिटी के बीच समझौता हुआ था, ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून में इस तरह के समझौते की कोई प्रावधान नहीं है। कानून में बाजार कीमत के आधार पर मुआवजा दिये जाने की बात कही गई है। जमीन की कीमत तय करते समय समकक्ष जमीन के मूल्य को ध्यान में रखा जाना चाहिए। सात ही बाकी किसानों का मामला देखा जाए जिन्हें 65 रुपये प्रति वर्गगज की दर से मुआवजा मिला है। कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद याचिका में प्रति पक्षी बनाई गई उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी किये। 

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यह मामला 1989 के अधिग्रहण का है। सरकार ने कासना गांव की करीब 534 एकड़ जमीन नियोजित विकास के लिए अधिग्रहित कर ली थी। कासना गांव में मुआवजे का यह मामला बाद में दो भागों में बंट गया। एक भाग के मुकदमों की सुनवाई बुलंदशहर के रिफरेंस कोर्ट में चली और दूसरे भाग के मुकदमों की सुनवाई गौतमबुद्ध नगर के रिफरेंस कोर्ट में। बात ये है कि जब अधिग्रहण हुआ था तब कासना बुलंदशहर जिले में आता था लेकिन अब कासना गांव गौतमबुद्ध नगर जिले में आता है जो कि ग्रेटर नोएडा है। 

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