संजीवनी टुडे

उत्तराखंड में कंटेट क्रिएशन वर्किंग ग्रुप तैयार हो : स्मृति

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 08-11-2019 19:58:16

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने कहा है कि विश्व में जितनी तेजी से कंटेंट क्रियेशन बदल रहा है, उतना ही प्रगतिशील हमारा सिस्टम भी होना चाहिए।


देहरादून। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने कहा है कि विश्व में जितनी तेजी से कंटेंट क्रियेशन बदल रहा है, उतना ही प्रगतिशील हमारा सिस्टम भी होना चाहिए। ईरानी ने शुक्रवार को देहरादून के मसूरी में राज्य स्थापना समारोह सप्ताह के अंतर्गत आयोजित फ़िल्म उत्सव (फ़िल्म कॉन्क्लेव) में उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित करते हुये कहा कि कंटेंट क्रियेशन में बहुआयामी प्लेटफार्म को समझना होगा।

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फिल्म और टेलीविजन के साथ डिजिटल क्रांति के लिए भी तैयारियां पुख्ता होनी चाहिए। आने वाले समय में डिजिटल मीडिया सबसे सशक्त माध्यम बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रादेशिक भाषाओं में भी तकनीकी को मजबूत करना होगा। एकेडेमिक्स ऑफ फिल्म मेकिंग एंड प्रोडक्शन मैनेजमेंट स्किल्स पर भी ध्यान दिया जाए। हाईस्कूल से ही इसकी शिक्षा की व्यवस्था हो।

ईरानी ने शुक्रवार को उत्तराखंड में एक कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप स्थापित करने सुझाव देते हुये कहा कि प्रोडक्शन फेसिलिटेशन इसके समन्वय में काम करे। डिजिटल माध्यम की बढ़ती ताकत का उपयोग करने के लिए भी पुख्ता व्यवस्था हो। स्थानीय भाषाओं पर भी फोकस किया जाए। उत्तराखण्ड का इतिहास और संस्कृति बेहद समृद्ध है। 

पूरे विश्व से इसका परिचय कराए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए राज्य के इतिहास और संस्कृति का अभिलेखीकरण तथा डिजीटलीकरण कर डिजिटल मीडिया के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व तक पहुंच स्थापित करनी होगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य में फिल्म, टीवी सीरियल आदि की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार फिल्मकारों और विशेषज्ञों के सुझावों को अमल में लाएगी। गत वर्ष इन्वेस्टर्स समिट के समय जो भी सुझाव मिले थे उन्हें समाहित करते हुए राज्य की फिल्म नीति बनाई गई। बड़ी संख्या में यहां फिल्मों व टीवी सीरियलों की शूटिंग हुई है। दक्षिण भारत की भी बहुत सी नामी फिल्मी हस्तियां यहां आई हैं।

रावत ने कहा कि राज्य को प्रकृति से सुन्दरता का वरदान प्राप्त है। हमारे यहां प्रभावी सिंगल विंडों सिस्टम लागू किया गया है जहां से औसतन 3-4 दिनों में सभी तरह की क्लियरेंस दे दी जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य में फिल्म निर्माण से संबंधित संस्थाएं स्थापित की जा सकती हैं। इसमें सहयोग देने के लिए सरकार तत्पर है। 

कान्क्लेव में चार सत्र आयोजित किए गए जिनमें उत्तराखण्ड की फिल्म नीति और राज्य में फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने पर चर्चा के साथ, राज्य में शूटिंग कर चुके फिल्मकारों का फीडबैक भी लिया गया।

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