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सैकड़ों वर्षों के बाद बना संयोग, 30 दिनों के भीतर तीन ग्रहण, ज्योतिष ने कहा- परिणाम अच्छे नहीं

संजीवनी टुडे 01-06-2020 01:50:00

विज्ञान में ग्रहण को एक खगोलीय घटना माना जाता है, लेकिन ज्योतिष के मुताबिक यह लोगों के हित के लिए ठीक नहीं होता है।


नई दिल्ली। विज्ञान में ग्रहण को एक खगोलीय घटना माना जाता है, लेकिन ज्योतिष के मुताबिक यह लोगों के हित के लिए ठीक नहीं होता है। ग्रहण किसी भी व्यक्ति के लिए फलदाई नहीं होता। इसके परिणाम भी शुभ कार्य नहीं होते। पांच जून से पांच जुलाई के मध्य तीन ग्रहण लगने जा रहे हैं, दो चंद्र एवं एक सूर्य ग्रहण।

ज्योतिषियों के अनुसार, ऐसा संयोग सैकड़ों वर्षों के बाद बन रहा है। 30 दिनों के भीतर तीन ग्रहण होने से महामारी एवं प्राकृतिक आपदा जैसे दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं। पांच जून और पांच जुलाई को चंद्र ग्रहण लगेगा। वहीं 21 जून को सूर्य ग्रहण के परिणाम भी ज्योतिष के लिहाज से अच्छा नहीं माना जा रहा है।

Results of three eclipses within 30 days are not good epidemic and natural disaster

ज्योतिषियों के मुताबिक, पांच जून की रात 11:15 से तथा छह जून की रात 2:34 बजे तक ग्रहण रहेगा। इसमें शुक्र वक्री और अस्त रहेगा। गुरु व शनि वक्री रहेंगे। 23 और ग्रह वक्री होंगे। जिसका प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर होगा। 6 ग्रहों की वक्री होने से बड़े संकट की आशंका ज्योतिषियों ने बताया कि 21 जून को एक साथ 6 ग्रह वक्री रहेंगे। बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु या केतु यह 6 ग्रह वक्री रहेंगे। 6 ग्रहों के वक्री होने से बड़ा संकट उत्पन्न हो सकता है।

ग्रहण से दुनिया में प्राकृतिक आपदा के साथ ही महामारी आने की प्रबल आशंका है। यह बड़ी खगोलीय घटना है यह बड़े परिवर्तन की सूचक है मंगल और सूर्य की राशि का परिवर्तन गुरु व धनु राशि में हो रहा है लेकिन वह वक्री रहेंगे।

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