संजीवनी टुडे

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को याद दिलाया ईआरसीपी का वादा

संजीवनी टुडे 15-06-2019 22:54:04

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राज्य के तेरह जिलों में वर्ष 2051 तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करते हुए इसे शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की।


जयपुर/दिल्ली। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राज्य के तेरह जिलों में वर्ष 2051 तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करते हुए इसे शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को राजस्थान में एक जनसभा के दौरान इस परियोजना को लेकर किया गया उनका वादा याद दिलाया। प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया था कि उनकी सरकार इस परियोजना पर सहानुभूति विचार कर इसे शीघ्र स्वीकृति प्रदान करेगी। गहलोत ने राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत चालू वित्त वर्ष हेतु 370 करोड़ रुपये की प्रथम किस्त भी शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शनिवार को दिल्ली में हुई नीति आयोग की गवर्निंग काउन्सिल की पांचवीं बैठक में राज्य का पक्ष रख रहे थे। 

मुख्यमंत्री ने बैठक में वर्षा जल संरक्षण, पेयजल, कृषि, सूखा प्रबंधन एवं चिकित्सा सहित राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न अहम मुद्दों पर प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं में केन्द्र से उसके हिस्से की राशि समय पर उपलब्ध कराने की अपेक्षा करते हुए राज्य के वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए भी केन्द्र से सहयोग मांगा। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि एकीकृत जल संग्रहण परियोजना के तहत वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 तक केन्द्र एवं राज्य का अंश 90 अनुपात 10 था, लेकिन केन्द्र सरकार ने इस परियोजना के तहत स्वीकृत 205 प्रोजेक्टों को पूरा करने का पूर्ण भार राज्य सरकार पर डाल दिया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार राज्य की जल संग्रहण की महती आवश्यकता को देखते हुए केन्द्र का अंश पूर्व की भांति अनुमत करे। गहलोत ने राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल परियोजना के तृतीय चरण के लिए 1454 करोड़ रूपए की बाह्य वित्त पोषण सहायता प्राप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने की मांग की। इस योजना से जोधपुर, बाडमेर व पाली के 2014 गांवों तथा 5 कस्बों को वर्ष 2051 तक जल आपूर्ति की जा सकेगी। उन्होंने प्रदेश के चार जिलों जयपुर, अजमेर, टोंक एवं नागौर को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बीसलपुर बांध को ब्राह्मणी नदी से जोड़ने की योजना के लिए भी बाह्य वित्त पोषण प्राप्त करने के लिए सहयोग मांगा। 

मुख्यमंत्री ने लघु एवं सीमान्त किसानों के अलावा अन्य किसानों एवं भूमिहीन कृषकों के पशुओं के लिए दी जाने वाली सहायता को भी एसडीआरएफ नॉर्म्स में शामिल किए जाने का आग्रह किया। गहलोत ने प्रदेश के किसानों के हितों की पुरजोर पैरवी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कई पेचीदगियां हैं, उन्हें दूर कर किसानों को इसका वास्तविक लाभ दिलाने के लिए आवश्यक सुधार किया जाए। साथ ही उन्होंने दलहन व तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीद कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत के स्थान पर 40 प्रतिशत करने के साथ एक दिवस में दलहन-तिलहन की एक जिंस की खरीद सीमा 25 क्विंटल से बढाकर 40 क्विंटल तक करने की मांग रखी। उन्होंने आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 में राज्यों से चर्चा के बाद ही यथोचित संशोधन करने का अनुरोध किया।

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