संजीवनी टुडे

मामला आग का : निगमायुक्त ने जांच कमेटी बनाई, नहीं ली एक भी बैठक

संजीवनी टुडे 21-05-2019 20:18:53


उज्जैन। अंबोदिया प्लांट के समीप पीएचई ग्रामीण के सीवेज लाइन हेतु उपयोग किए गए और उपयोग हुए पाइपों में 11 मई को आगजनी की घटना के बाद जब भ्रष्टाचार के आरोप गूंजे तो शंका के आधार पर निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने अगले ही दिन एक जांच कमेटी स्वयं की अध्यक्षता में घोषित की। इस कमेटी को 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देना है। कमेटी के कतिपय सदस्यों का अनौपचारिक चर्चा में कहना है कि कमेटी के गठन के बाद से आज 21 तक निगमायुक्त ने एक भी बैठक जांच समिति की नहीं ली। ऐसे में जांच रिपोर्ट 15 दिवस के भीतर दे पाएंगे, कहना संभव नहीं है। 

गंभीर बांध के अंबोदिया प्लांट के समीप पीएचई ग्रामीण द्वारा सिंहस्थ-2016 में सीवेज लाइन के लिए बिछाई गई पाइप लाइन के लाखों रुपए कीमत के उपयोग किए गए पाइप तथा उपयोग में नहीं आए पाइप रखे गए थे। इन पाइपों में 11 मई की अपराह्न 3 बजे अचानक आग लगी। देखते ही देखते आग ने लाखों रुपए कीमत के पाइप जलाकर खाक कर दिए। 

नगर निगम की दमकलों ने बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। चूंकि सिंहस्थ के समय से ही इन पाइपों की खरीदी को लेकर आरोपों के दौर रहे, ऐसे में नगर निगम आयुक्त ने 12 मई एक जांच कमेटी गठित की थी। इस जांच कमेटी को 15 दिवस के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट निगमायुक्त प्रतिभा पाल को सौंपना है। इधर जो अधिकारी जांच कमेटी में थे वे चुनावी ड्यूटियों में व्यस्त रहे। 

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ये हैं जांच कमेटी में
इस जांच कमेटी में अपर आयुक्त धीरेंद्र सिंह परिहार को अध्यक्ष, सचिव सहायक यंत्री नरेश कुंवाल तथा तीन सदस्य पीएचई ग्रामीण कार्यपालन यंत्री सुनील कुमार उदिया सदस्य, सहायक यंत्री एस के धारीवाल,फायर ऑफिसर अजय सिंह राजपूत को लिया गया था। 

सूत्रों के अनुसार इस कमेटी ने अभी तक जांच ही शुरू नहीं की है। हालांकि अनौपचारिक चर्चा में अधिकारियों का कहना है कि 15 दिन पूरे नहीं हुए हैं। साथ ही यह भी कहना है कि निगमायुक्त फ्री हों और बैठक बुलाए तो जांच आगे बढ़े? 

इंदौर की टीम कर गई जांच
इधर एक चौंकाने वाली बात यह है कि पीएचई ग्रामीण इंदौर की एक टीम वहां के एई की अध्यक्षता में उज्जैन आई और इस अग्निकांड की जांच करके लौट गई। इस टीम ने जांच के बिंदू क्या रखे थे, इस बारे में पता नहीं चल सका। लेकिन आरोपों की झडिय़ां लगना शुरू हो गई हैं कि इंदौर से आए जांच दल ने आगजनी को लेकर कथित रूप से लीपापोती कर दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आगजनी की घटना जानबूझकर नहीं हुई। किसी अज्ञात कारण से आसपास के खेतों में आग लगी और वह आग पाइपों तक पहुंची, और पाइप जलकर खाक हो गए...?

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