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मप्र की 28 सीटों पर उपचुनाव की तारीख घोषित, तीन नवम्बर को होगा मतदान, 10 को आएंगे नतीजे

संजीवनी टुडे 29-09-2020 17:26:36

निर्वाचन आयोग की मंगलवार को हुई बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा की 28 रिक्त सीटों के लिए होने वाले उपचुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। प्रदेश की सभी सीटों पर आगामी तीन नम्बर को मतदान होगा, जबकि 10 नवम्बर को परिणाम घोषित किये जाएंगे।


दिल्ली। निर्वाचन आयोग की मंगलवार को हुई बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा की 28 रिक्त सीटों के लिए होने वाले उपचुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। प्रदेश की सभी सीटों पर आगामी तीन नम्बर को मतदान होगा, जबकि 10 नवम्बर को परिणाम घोषित किये जाएंगे। उपचुनाव की अधिसूचना नौ अक्टूबर को जारी की जाएगी और इसके साथ ही नामांकन पत्र दाखिल करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो कि 16 अक्टूबर तक चलेगा। चुनाव आयोग के मुताबिक एक जनवरी 2020 की मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराए जाएंगे। उपचुनाव की तारीखों की घोषणा करते ही उपचुनाव वाले क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मंगलवार को देशभर की विधानसभाओं की रिक्त 56 सीटों के उपचुनाव का कार्यक्रम तय कर दिया है। इनमें मध्यप्रदेश की 28 सीटें भी शामिल हैं। यहां आगामी तीन नवम्बर को मतदान होगा, जबकि 10 तारीख को मतगणना होगी और इसी दिन नतीजे घोषित किये जाएंगे। चुनाव आयोग के मुताबिक, प्रदेश में नौ अक्टूबर को उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होगी और 16 अक्टूबर को नामांकन पत्र दाखिल हो सकेंगे।

चुनाव आयोग ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के बीच उपचुनाव के दौरान विशेष सावधानियां बरती जाएंगी। मतदाताओं को आधार कार्ड, मनरेगा का जॉब कार्ड, पैन कार्ड, बैंक या पोस्ट ऑफिस की पासबुक, हेल्थ इंश्योरेंस के स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेजों के आधार पर मतदान करने की अनुमति होगी। इस बार 80 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति को डाक मतपत्र की सुविधा दी जाएगी। ऐसे मतदाता अपने घर से ही मतदान कर सकेंगे। इसके साथ ही कोरोना संक्रमित और संदिग्ध को भी डाक मतपत्र दिया जाएगा। मतदानकर्मी, ऐसे मतदाताओं के घर जाकर डाक मतपत्र लेकर आएंगे। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। चुनाव में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए आयोग द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में पहली बार इतनी अधिक सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। इसकी वजह इसी साल प्रदेश हुआ सत्ता परिवर्तन है। दरअसल, कांग्रेस के 25 विधायक अपनी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए हैं। इनमें से 22 कांग्रेस विधायकों ने कमलनाथ सरकार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं, तीन सीटें विधायकों के निधन के बाद खाली हुई हैं। उपचुनाव को लेकर प्रदेश की दोनों प्रमुख पार्टियों भाजपा और कांग्रेस की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और कुछ सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा भी हो चुकी है। वहीं, बसपा ने भी चुनावी समर में आठ सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। 

मध्यप्रदेश की 230 सीटों वाली विधानसभा में फिलहाल भाजपा के 107, कांग्रेस के 88, बसपा के दो, सपा का एक और चार निर्दलीय विधायक हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 116 है। इसीलिए यह उपचुनाव प्रदेश में सत्ता का निर्धारण करेंगे। रिक्त 28 में से 27 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा था। अगर भाजपा उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन करती है तो उसकी सरकार और स्थिर होगी। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस 20 से अधिक सीटें जीतने के प्रयास करेगी, ताकि कमलनाथ की सरकार प्रदेश में पुन: बन सके।

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