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ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, 27 अप्रैल से जल त्यागने की घोषणा

संजीवनी टुडे 21-04-2019 16:13:21


हरिद्वार। गंगा की अवरिलता और निर्मलता के लिए 180 दिनों से अनशनरत मातृ सदन के संत ब्रह्मचारी आत्मबोधानन्द ने 27 अप्रैल से जल त्यागने की घोषणा कर दी है। इसको लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा है। पत्र की प्रतियां प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रपति और यूएनओ समेत अनेक लोगों को भेजी गई है। ब्रह्मचारी आत्मबोधानन्द गंगा की रक्षा के लिए अनशनरत हैं। 

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स्वामी सानंद की मौत के बाद से ही अनशन पर हैं ब्रह्मचारी आत्मबोधानन्द

ब्रह्मचारी आत्मबोधानन्द, स्वामी सानंद की मौत के बाद से ही उनकी मांगों के लिए अनशन कर रहे हैं। इस दौरान वे केवल जल और शहद का ही सेवन कर रहे हैं लेकिन अब प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जल त्यागने की घोषणा की है।आत्मबोधानन्द का कहना है कि सरकार की मंशा गंगा की हत्या करने में ही है। 22 जून 2018 को अनशन पर बैठने से पहले स्वामी सानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा था लेकिन सरकार ने उन पर कोई ध्यान नहीं दिया था। जब उन्होंने अपना अनशन शुरू किया तो अधिकारी खानापूर्ति के लिए आते थे और बात करके चले जाते थे लेकिन कभी गंगा के लिए जमीन पर कोई कार्य नहीं हुआ। 

अब तक किसी ने भी हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया...
आत्मबोधानन्द ने सरकारी तंत्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि आईआईटी के डीन रहे सानंद जैसे व्यक्ति की जब इन लोगों ने हत्या कर दी तो हम लोगों की हत्या करना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। आत्मबोधानन्द ने बताया कि उन्होंने स्वामी सानंद को वचन दिया था कि यदि उन्हें कुछ हो जाएगा तो वो मातृ सदन में आपके आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। उनके जाने के बाद मैं बैठा हूं। अब मुझे भी साफ नजर आ रहा है कि सरकार गंगा के लिए कुछ नहीं सोच रही है। यह लोग तो चाहते हैं कि किसी तरह मुझे मार दें। 

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अनशन को आज 180 दिन हो गए हैं
आत्मबोधानन्द ने कहा कि मेरी हत्या होती है तो मैं तैयार हूं। मैंने निश्चित कर लिया है कि 25 अप्रैल तक मेरी मांगों को नहीं माना जाता है तो मैं 27 अप्रैल से जल भी त्याग दूंगा। जब मेरा शरीर त्याग होगा तो मेरे दूसरे गुरूभाई इस आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। आत्मबोधानन्द के गुरू स्वामी शिवानंद का कहना है कि आत्मबोधानन्द के अनशन को आज 180 दिन हो गए हैं लेकिन अब तक किसी ने भी हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया है। 

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