संजीवनी टुडे

बैंक लोन घोटाला मामला: स्टर्लिंग बायोटेक के दो निदेशकों के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्रवाई को मंजूरी

संजीवनी टुडे 19-03-2019 21:55:42


नई दिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 8100 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले के मामले में स्टर्लिंग बायोटेक के दो निदेशकों के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्रवाई को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने ईडी को इस बात की अनुमति दी है कि वो अल्बानिया सरकार से स्टर्लिंग बायोटेक के निदेशकों एनजे संदेसारा और सीजे संदेसारा के प्रत्यर्पण की मांग करे। कोर्ट ने आज दोनों निदेशकों के खिलाफ नए सिरे से गैर-जमानती वारंट जारी किया। इन गैर-जमानती वारंट को भी प्रत्यर्पण के आग्रह के साथ अल्बानिया सरकार को भेजा जाएगा।

मात्र 240000/- में टोंक रोड जयपुर में प्लॉट 9314166166

पिछले 14 फरवरी को कोर्ट ने स्टर्लिंग बायोटेक के प्रमोटर हेमंत हाथी को जमानत दी थी। हेमंत हाथी पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेट हैं। पिछले 21 जनवरी को कोर्ट ने इस मामले 4 निदेशकों के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्रवाई करने की अनुमति दे दी थी। प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने कोर्ट से इन आरोपितों के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू करने की अनुमति देने के लिए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने नितिन संदेसारा,जयंती लाल संदेसारा, दीप्ति संदेसारा और हितेश पटेल के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्रवाई करने की अनुमति दी थी। सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा कि चारों आरोपितों के इटली और नाइजीरिया में होने की सूचना है। इसलिए इस मामले की जांच के लिए उन्हें प्रत्यर्पित कर लाने की जरूरत है। पिछले 5 जनवरी को कोर्ट ने चारों आरोपियों के खिलाफ ओपन-एंडेड गैर जमानती वारंट जारी किया था। 

ओपन एंडेड गैरजमानती वारंट का मतलब होता है कि तामील करने को कोई तिथि तय नहीं होती। इसके पहले कोर्ट उन चारों अभियुक्तों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर चुका था लेकिन वे तामील नही हो सके थे क्योंकि चारों अभियुक्त उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद ईडी ने चारों के खिलाफ ओपन-एंडेड गैर जमानती वारंट जारी करने के लिए अर्जी दायर की थी। ओपन-एंडेड गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद ईडी के लिए उनके खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने में आसानी होगी। 26 अक्टूबर,2018 को कोर्ट ने इन आरोपियों को इकोनोमिक ऑफेंडर्स घोषित करने की ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया था। 23 अक्टूबर,2018 को ईडी ने इस मामले में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था। ईडी ने जुलाई महीने में आरोप पत्र दाखिल किया था।

MUST WATCH & SUBSCRIBE

आरोप पत्र में कहा गया है कि कंपनी ने आंध्रा बैंक के नेतृत्व वाली बैंकों की कंसोर्टियम से लोन लिया जो अब नन परफॉर्मिंग एसेट(एनपीए) में तब्दील हो गया है। आपको बता दें कि ईडी ने आंध्रा बैंक के पूर्व निदेशक अनूप प्रकाश गर्ग और दिल्ली के व्यापारी गगन धवन को पिछले फरवरी में गिरफ्तार किया था। ईडी और सीबीआई दोनों ने इस मामले में गर्ग और धवन को भी अभियुक्त बनाया है। सीबीआई की एफआईआर के बाद ईडी ने भी मनी लाउंड्रिंग का केस दर्ज किया था। इस मामले में 31 दिसंबर 2016 को एफआईआर दर्ज की गई थी। 06 अगस्त,2018 को दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में अनूप प्रकाश गर्ग को जमानत दे दी थी। उल्लेखनीय है कि स्टर्लिंग बायोटेक के तार सीबीआई रिश्वत कांड के आरोपित और सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना से भी जुड़े हुए हैं। स्टर्लिंग बायोटेक पर वड़ोदरा में राकेश अस्थाना की बेटी की शादी में काफी महंगी रिसेप्शन पार्टी का आयोजन करने का आरोप है। इस मामले की भी सीबीआई जांच कर रही है।

More From national

Trending Now
Recommended