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लापता हुए एएन-32 विमान में सवार था बलिया का नौजवान सूरज, अनहोनी की आशंका में थम नहीं रहे सूरज के परिजनों के आंसू

संजीवनी टुडे 08-06-2019 03:45:00

भारतीय वायुसेना के एएन-32 विमान के लापता होने के चार दिन बाद भी पता नहीं चलने के कारण विमान में सवार शोभाछपरा के सूरज सिंह के परिजन बेहद बेचैन हैं। वायु सेना में लीडिंग एयर क्राफ्ट के पद पर तैनात सूरज भी उसी विमान में थे। उनकी अभी तक कोई जानकारी नहीं मिलने के कारण घर में कोहराम मचा हुआ है। दू


बलिया। भारतीय वायुसेना के एएन-32 विमान के लापता होने के चार दिन बाद भी पता नहीं चलने के कारण विमान में सवार शोभाछपरा के सूरज सिंह के परिजन बेहद बेचैन हैं। वायु सेना में लीडिंग एयर क्राफ्ट के पद पर तैनात सूरज भी उसी विमान में थे। उनकी अभी तक कोई जानकारी नहीं मिलने के कारण घर में कोहराम मचा हुआ है। दूर-दूर से जाकर लोग परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक—एक दिन गुजरने के साथ अनहोनी की आशंका उन्हें और गमगीन किये जा रही है। तीन भाइयों में सबसे बड़े सूरज पर ही परिवार के संचालन का जिम्मा है। उनकी नौकरी के अलावा परिवार का कोई आय का जरिया नहीं है। महज चार महीने पहले ही सूरज की शादी हुई थी। परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य के बारे में इस तरह अभी तक खबर नहीं मिलने पर सभी सदस्य बचैन हैं। पत्नी शालू को शुरूआत में इस बारे में पता नहीं था, लेकिन मीडिया में खबर आने और गांव के लोगों के घर पहुंचने के सिलसिले के बाद शालू की घबराहट लगातार बढ़ती जा रही है। इसी तरह सूरज की मां का भी रो-रो कर बुरा हाल है।   

विवाह के बाद पहली बार बीते 12 मई को आये थे और 25 मई को लौट गये थे। उन्होंने परिवार से अगस्त में आने और पूरी छुट्टी उनके साथ बिताने का वादा किया था। सूरज अपने दोनों छोटे भाई विक्रांत और प्रिंस को भी सेना में जाने के लिए प्रेरित करते रहते थे। वहीं गांव के युवाओं के बीच भी सूरज के देशप्रेम की चर्चा हो रही है। सूरज गांव आने के दौरान यहां के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। इसके लिए उन्होंने युवाओं से अगस्त में आकर तैयारी करने का भी वादा किया था, लेकिन जिस तरह से चार दिन गुजरने के बाद भी ​सूरज और अन्य वायुसेना के कर्मियों का कुछ पता नहीं चला है, सभी के मन में अनहोनी का डर सता रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक विमान लापता होने के दिन वायु सेना के अधिकारियों ने सूरज के पिता विनोद सिंह को पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया था। इसके बाद सूरज का छोटा भाई  प्रिंस अपने रिश्तेदार सोनबरसा निवासी मोहन सिंह के साथ सूरज के तैनाती स्थल जोरहाट के लिए रवाना हो गया। उसने वहां पहुंचकर वायु सेना के अधिकारियों से बातचीत भी की, लेकिन अभी कोई भी कुछ स्पष्ट कहने की स्थिति में नहीं है। 

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गौरतलब है कि भारतीय वायु सेना के एएन-32 विमान ने सोमवार दोपहर 12.27 पर असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी और एक बजे उसका संपर्क टूट गया था। उसमें कुल 13 कर्मी सवार थे। इसरो की मदद से जोरहाट और अरुणाचल प्रदेश के मेचुका के बीच विमान को तलाश रही है। अभी तक की खोज में विमानों की 100 घंटे की उड़ान पूरी हो चुकी है लेकिन लापता हुए परिवहन विमान का कोई सुराग नहीं मिला है। भारतीय वायु सेना के मुताबिक क्रैश की संभावित जगह से इन्फ्रारेड और लोकेटर ट्रांसमीटर के संकेतों को विशेषज्ञ पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। तस्वीरों और टेक्निकल सिग्नल के आधार पर कुछ खास बिंदुओं पर कम ऊंचाई पर हैलिकॉप्टर ले जाए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।

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