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बाबरी मस्जिद विध्वंस केस: सीबीआई कोर्ट के फैसले को विहिप ने बताया सत्य और न्याय की जीत

संजीवनी टुडे 30-09-2020 22:41:51

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले में लखनऊ की विशेष अदालत के फैसले का स्वागत किया है।


नई दिल्ली। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले में लखनऊ की विशेष अदालत के फैसले का स्वागत किया है। विहिप ने कहा है कि सत्य और न्याय की जीत हुई है।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने दिल्ली के आरके पुरम् स्थित केंद्रीय कार्यालय में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अयोध्या के विवादित ढांचे से सम्बंधित आपराधिक मुक़दमे का निर्णय आ गया है। सत्य और न्याय की विजय हुई है। हालांकि न्यायालयों को यह निर्णय देने में 28 वर्ष लग गये। हम आशा करते हैं कि इस निर्णय से उन विषयों का पटाक्षेप हो जायेगा जो गत 472 वर्षों से हिन्दू मानस को व्यथित करते रहें हैं।

विहिप कार्याध्यक्ष ने कहा, "राम भक्तों ने इन झूठे मुकदमों का 28 वर्ष तक धैर्य और साहस से सामना किया। इसमें 49 एफ़आईआर थीं, अभियोजन ने 351 गवाह पेश किये और लगभग 600 दस्तावेज न्यायालय में दिए गये। मुक़दमे को सुन रहे न्यायाधीश का कार्यकाल, उनके सेवानिवृत्त होने के बाद भी कई बार बढ़ाना पड़ा। तब जाकर यह फैसला आ पाया है।"

आलोक कुमार ने कहा, "प्रारंभ में सरकार ने 49 लोगों को अभियुक्त बनाया था। हम कृतज्ञता से उन 17 लोगों का पुण्य स्मरण करते हैं जो वैकुण्ठ सिधार गये। इनमे अशोक सिंघल, महंत अवैद्यनाथ, परमहंस रामचन्द्र दास, राजमाता विजया राजे सिंधिया, आचार्य गिरिराज किशोर, बाल ठाकरे, विष्णुहरी डालमिया और वैकुण्ठ लाल शर्मा (प्रेम जी) जैसे महानुभाव हैं।" 

उन्होंने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय के 9 नवम्बर 2019 के आदेश में यह सदा के लिए घोषित कर दिया गया है कि अयोध्या की सम्बंधित भूमि रामलला विराजमान की ही है। आज के निर्णय ने षड्यंत्र के आरोपों को ध्वस्त कर दिया है। अब समय है कि हम राजनीति से ऊपर उठें और बार-बार पीछे देखने की बजाए एक संगठित और प्रगत भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ें।"

उल्लेखनीय है कि विशेष अदालत ने मामले के जिन 32 आरोपितों को बरी किया है उनमें विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय भी शामिल हैं। राय ने सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा, "आप सभी को सूचित करते हुए खुशी हो रही है कि 28 वर्ष बाद आज लखनऊ सीबीआई कोर्ट ने अयोध्या बाबरी विध्वंस मामले में फैसला सुनाते हुए सीबीआई के स्पेशल जज सुरेंद्र कुमार यादव ने सभी रामभक्तों को दोषमुक्त कर बरी कर दिया है। पूरा देश इस फैसले का हृदय से स्वागत करता है।" 

ये हैं मामले के 32 आरोपित 
लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डॉ. राम विलास वेदांती, चम्पत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दुबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रजभूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमरनाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, साक्षी महाराज, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धर्मेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ और धर्मेंद्र सिंह गुर्जर।

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