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Ayodhya Ram temple construction: भव्य मंदिर निर्माण के भूमि पूजन में इस्तेमाल किया जायेगा त्रिवेणी संगम का जल, 3 अगस्त को पहुंचेंगा अयोध्या

संजीवनी टुडे 21-07-2020 13:11:37

योध्या में राम मंदिर के शिलान्यास की तैयारियां जोरों पर हैं। 5 अगस्त को होने जा रहे रामलला के भव्य मंदिर निर्माण की भूमि पूजन में तीर्थराज प्रयागराज के त्रिवेणी संगम के जल का उपयोग किया जाएगा।


नई दिल्ली। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के भूमि पूजन के लिए पांच अगस्त की तारीख प्रधानमंत्री कार्यालय से तय मानी जा रही है। इस तिथि को लेकर अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास की तैयारियां जोरों पर हैं। 5 अगस्त को होने जा रहे रामलला के भव्य मंदिर निर्माण की भूमि पूजन में तीर्थराज प्रयागराज के त्रिवेणी संगम के जल का उपयोग किया जाएगा। त्रिवेणी संगम में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का जल है, जिसे लाने की जिम्मेदारी विश्व हिंदू परिषद को दी गई है। वीएचपी और प्रयागराज के लोग इस गौरव से काफी खुश है और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

Ram temple

3 अगस्त को अयोध्या पहुंचेंगा संगम का जल

जानकारी के अनुसार भूमि पूजन के लिए वीएचपी के दो पदाधिकारी संगम का जल लेकर 3 अगस्त को अयोध्या पहुंचेंगे, विश्व हिंदू परिषद में जल ले जाने वाले पदाधिकारियों का नाम अभी तय नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि विश्व हिंदू परिषद संगम का जल अयोध्या भेजने से पहले एक कार्यक्रम करने की तैयारी में जुटे हुए हैं। वहीं जानकारी के मुताबिक त्रिवेणी संगम के जल को रथ पर रखकर प्रयाग में घुमाने की भी बात सामने आ रही है।

मंदिर से परिषद प्रयागराज और संगम तीनों का सीधा जुड़ाव

सूत्रों के मुताबिक विश्व हिंदू परिषद के काशी प्रांत के गौ रक्षा विभाग के प्रमुख लालमणि तिवारी का कहना है कि लाल रामलला के प्रस्तावित मंदिर से परिषद प्रयागराज और संगम तीनों का सीधा जुड़ाव है उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए सबसे बड़ा आंदोलन बीएचपी नहीं लड़ा है चलाया है उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं बीएचपी के आंदोलन का केंद्र बिंदु हमेशा प्रयागराज ही रहा है।

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तीन चरणों में पूरा होगा पूजन का विधान

बता दें अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन का विधान तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। प्रथम चरण में सूर्यादि नवग्रह का आह्वान किया जाएगा। दूसरे चरण में इंद्रादि प्रधान देवताओं एवं गंधर्वों का आह्वान होगा। तीसरे चरण में महागणपति पूजन के साथ भूमिपूजन किया जाएगा। इन तीनों चरणों के दौरान वैदिक ब्राह्मणों द्वारा चतुर्वेद पारायण निरंतर होता रहेगा। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को 12 बजकर 15 मिनट के शुभ मुहूर्त में केवल 32 सेंकेड में मंदिर की आधारशिला गर्भगृह पर रख कर मंदिर निर्माण का शुभारंभ करेंगे। साथ ही मणिराम छावनी की तरफ से दान की गई चांदी की 40 किग्रा की रामशिला को भी स्थापित किया जाएगा।

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