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Ayodhya Ram Mandir : अभिजीत मुहूर्त में होगा राम मंदिर का भूमि पूजन अनुष्ठान, कार्यक्रम संपन्न कराने के लिए बुलाये जायेंगे काशी के विद्वान

संजीवनी टुडे 22-07-2020 21:18:11

काशी सुमेरुपीठ के शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने बुधवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के लिए पांच अगस्त को प्रस्तावित तिथि और समय किसी भी तरह से अशुभ नहीं है।


लखनऊ। काशी सुमेरुपीठ के शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने बुधवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के लिए पांच अगस्त को प्रस्तावित तिथि और समय किसी भी तरह से अशुभ नहीं है। उन्होंने शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के उस दावे को ख़ारिज कर दिया जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पांच अगस्त की तिथि को भूमि पूजन के लिए अशुभ बताया। इसके बाद वाराणसी के कुछ ज्योतिषियों ने भी मुहूर्त को लेकर सवाल खड़ा किया तो कई ज्योतिषी भी उन्हीं के पक्ष में बोलने लगे। 

शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने हिन्दुस्थान समाचार से कहा कि भूमि पूजन के लिए निर्धारित समय अभिजीत मुहूर्त और सर्वार्ध सिद्धि योग में है, जो इस कार्य के लिए सर्वथा शुभ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांच अगस्त की तिथि श्रीराममंदिर के भूमि पूजन हेतु धर्म सम्मत और शास्त्र सम्मत है। इस पर किसी को संदेह नहीं करना चाहिए। काशी सुमेरु पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद का कहना है कि अभिजीत का अर्थ विजेता होता है। ऐसे में इस मुहूर्त में किया गया हर कार्य सफल होता है। उन्होंने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री राम का जन्म भी इसी अभिजीत मुहूर्त में ही हुआ था। ऐसे में उनके मंदिर हेतु भूमि पूजन को निर्धारित किया गया यह मुहूर्त बड़ा ही शुभकर है। शंकराचार्य ने बताया कि काशी के कुछ ज्योतिषियों ने भूमिपूजन के मुहूर्त की पूरी कुंडली बनाई है। उस कुंडली के योग भी शुभ संकेत दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट और 15 सेकंड के बाद ठीक 32 सेकंड के अंदर यह अनुष्ठान करना अति शुभकारी होगा। 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान 
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट की ओर से भूमि पूजन की तिथि निर्धारित किये जाने के बाद द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोशल मीडिया के माध्यम से पांच अगस्त की तिथि को भूमि पूजन के लिए अशुभ बताया। इसके बाद वाराणसी के कुछ ज्योतिषियों ने भी मुहूर्त को लेकर सवाल खड़ा किया तो कई ज्योतिषी इसके पक्ष में भी बोलने लगे। 
 
अभिजीत मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त प्रत्येक दिन मध्याह्न से करीब 24 मिनट पहले प्रारम्भ होकर मध्याह्न के 24 मिनट बाद समाप्त हो जाता है। अभिजीत मुहूर्त का वास्तविक समय सूर्योदय के अनुसार परिवर्तित होता रहता है। इस मुहूर्त में किए जाने वाले सभी कार्य सफल होते हैं और व्यक्ति को विजय प्राप्त होती है। इस मुहूर्त को आठवां मुहूर्त भी कहा जाता है।

अनुष्ठान संपन्न कराने के लिए बुलाये जायेंगे काशी के विद्वान
उधर, अयोध्या में भूमि पूजन कार्यक्रम की तैयारियों को दिशा निर्देश दे रहे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास भी बताते हैं कि भूमि पूजन का मुहूर्त और कुंडली काशी के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने बनाई है। इसके अनुसार पांच अगस्त को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट और 15 सेकेंड के बाद ठीक 32 सेकेंड के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों भूमि पूजन का अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा। अनुष्ठान को पूरे विधि विधान से सम्पन्न कराने के लिए ट्रस्ट की तरफ से विद्वान आचार्यों को बुलाया जा रहा है। इनमें काशी के विद्वानों का भी नाम बताया जा रहा है। अनुष्ठान की तैयारी में लगे लोगों का कहना है कि भूमि पूजन का अनुष्ठान तीन अगस्त को ही प्रारम्भ हो जाएगा। 

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