संजीवनी टुडे

आरोपों की राजनीति से माफीनामे पर क्यों आ गए केजरीवाल?

संजीवनी टुडे 20-03-2018 12:43:50


नई दिल्ली। कभी बात बात पर दूसरों पर आरोप लगाने वाले केजरीवाल अचानक अपनी माफी को लेकर चर्चा में हैं। केजरीवाल ने सबसे पहले अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांगी, जिसके बाद आम आदमी पार्टी की पंजाब ईकाई में बवाल मच गया। भगवंत मान ने इस्तीफा दे दिया। हालांकि केजरीवाल ने दो और केसों में माफी मांगी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, कपिल सिब्बल और उनके बेटे अमित सिब्बल से लिखित माफी मांगी हैं। माफी के बाद तीनों केस वापस ले लिए गये हैं।

गडकरी और सिब्बल से माफी मांगने के पर मजिस्ट्रेट ने केजरीवाल की तारीफ की। मेट्रोपॉलिटिन मजिस्टेàट समर विशाल ने कहा कि "अच्छी बात है कि मुख्यमंत्री के पद पर होने के बावजूद केजरीवाल ने व्यापक दृष्टिकोण अपनाया और आगे बढ़कर माफी मांगी है। इससे कोर्ट का कीमती समय बचा है। यह अन्य लोगों के लिए उदाहरण है।" हालांकि अपनी ही पार्टी के कई नेताओं का साथ केजरीवाल को नहीं मिला है और वो केजरीवाल के इन माफीनामों से खुश नहीं हैं। वहीं कभी केजरीवाल के साथ रहे लोगों ने केजरीवाल की आलोचना की हैं जिसमें योगेंद्र यादव और कुमार विश्वास भी शामिल है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर करीब 33 मुकदमें चल रहें हैं। वहीं असम, कर्नाटक और दिल्ली सहित कई राज्यों में चुनाव प्रचार के समय दिए अपने बयानों के चलते मानहानी के केस चल रहें हैं। केजरीवाल पर चल रहे 33 मुकदमों में से 14 मानहानी के है जिसमें से 3 में केजरीवाल माफी मांग चुके हैं। हालांकि मानहानी के 11 केस अभी भी केजरीवाल पर चल रहें हैं। इनमें वित्त मंत्री जेटली, सासंद रमेश विधुड़ी, पवन खेड़ा के केस प्रमुख हैं। दो पुलिसकर्मियों ने भी अपशब्द कहने के आरोप में केजरीवाल पर केस किया है।

लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो बात बात पर लोगों पर किचड़ उछालने वाले अरविंद केजरीवाल लोगों से माफी क्यों मांग रहें हैं। दरअसल अरविंद आंदोलन से राजनीति में आए थे और उसी आंदोलन के नारों और भाषा में जिसके बारे में जो मन में आया बोल दिया लेकिन जब केजरीवाल की और से लगाए आरोपों को लेकर मानहानी का मुकदमा करने लगे तो केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ने लगी। सबसे बड़ी बात तो यह कि मामला अदालत में पहुंचने के बाद केजरीवाल को अपनी कही हुई बात साबित करनी पड़ती, अगर ऐसा करने में वो असफल रहतें है तो उन्हें सजा के मिलती। हालांकि इस कानूनी लड़ाई में केजरीवाल हर मुकदमें के लिए अपना वकील भेजना पड़ रहा था, जिसके लिए वकीलों को मोटी फीस भी दी जा रही थी। वहीं केजरीवाल को कई बार अदालत में पेश होना पड़ता था जिससे की उनका समय जाया हो रहा था इसी कारण केजरीवाल ने मामलों को कोर्ट के बाहर ही सुलझाने की पेशकश कर दी है।
MUST WATCH
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के बयान से साफ संकेत दिए जा रहें है कि मानहानी के बाकी मामलों में भी केजरीवाल माफी मांगेगें। सिसौदिया ने कहा कि हम उन सब से माफी मांगेगें जिनको दुख पहुंचाया है। हम जनता की सेवा करने के लिए आए हैं। हमारे पास इतना समय नहीं है कि ऐसे मामलों के लिए कोर्ट जाएं।

More From national

Loading...
Trending Now
Recommended