संजीवनी टुडे

उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद मुस्लिम समाज ने अयोध्या में सादगी से मनाया बारावफात

संजीवनी टुडे 10-11-2019 17:38:01

उच्चतम न्यायालय के अयोध्या विवाद फैसले से मुस्लिम समाज ने ईद-ए-मिलादुन नबी (बारावफात) यहां सादगी से मनाया। टाटशाह मंदिर के इमाम (मौलाना) समसुल कमर कादरी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले में जो उभरकर आया है उससे हालात को बेहतरीन बनाने की मेरी भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में जिस दिन न्यायालय का फैसला आया था उसी दिन बारावफात का त्यौहार होने के नाते घरों और मस्जिदों में लोगों ने फातिया पढ़कर त्यौहार मनाया।


अयोध्या। उच्चतम न्यायालय के अयोध्या विवाद फैसले से मुस्लिम समाज ने ईद-ए-मिलादुन नबी (बारावफात) यहां सादगी से मनाया। टाटशाह मंदिर के इमाम (मौलाना) समसुल कमर कादरी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले में जो उभरकर आया है उससे हालात को बेहतरीन बनाने की मेरी भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में जिस दिन न्यायालय का फैसला आया था उसी दिन बारावफात का त्यौहार होने के नाते घरों और मस्जिदों में लोगों ने फातिया पढ़कर त्यौहार मनाया।

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उन्होंने बताया कि दस नवम्बर अर्थात् आज फैजाबाद शहर में बारावफात का त्यौहार भी मस्जिदों और घरों में फातिया पढ़ करके घरों में मिठाई, जर्दा तथा बिरयानी बांटी गयी। उन्होंने बताया कि अयोध्या में एक दिन पहले बारावफात का त्यौहार मनाया जाता है जबकि दूसरे दिन फैजाबाद में यह त्यौहार सम्पन्न होता है।

अयोध्या और फैजाबाद की सड़कों के किनारे-किनारे मुस्लिम समाज के द्वारा प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी सजावट की गयी थी जो उसको बाद में हटा दिया गया और जुलूस ना निकालने के लिये पोस्टपोंड कर दिया गया। उन्होंने बताया कि देश में अमन-चैन बना रहे इसके लिये इस तरीके से त्यौहार को मनाया गया।
 

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