संजीवनी टुडे

फर्जी कॉल सेंटर्स स्कैम के जरिये करता था ठगी : मास्टरमाइंड गिरफ्तार

संजीवनी टुडे 17-10-2016 16:29:52

Fake call centers used by scam swindle mastermind arrested

मुंबई। फर्जी कॉल सेंटर्स के जरिए अमेरिकियों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले जगदीश कनानी को गिरफ्तार कर लिया गया है। 32 साल के जगदीश को रविवार रात मुंबई के बोरीवली इलाके से पकड़ा गया। खबरों के मुताबिक, इस पूरे स्कैम में मास्टरमाइंड जगदीश ही था। ठगी की ये तरीका वह विदेश से सीखकर आया था। ये लोग अपने कॉल सेंटर्स के जरिए अमेरिका में टैक्स डिफॉल्टर सिटिजन्स से करोड़ों रुपए वसूलते थे। पुलिस ने इस मामले में 70 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। 

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बिजनेसमैन है जगदीश...
जगदीश कनानी एक बिजनेसमैन है और इसके अहमदाबाद, गुड़गांव और मुंबई में ऑफिस हैं। जगदीश पहले विदेशों में BPO में काम करता था। इसने वहीं से आउटसोर्सिंग के जरिए कलेक्शन की प्रॉसेस समझी थी। भारत आकर कई शहरों में कॉल सेंटर बनाए। इस स्कैम में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में जगदीश कनानी का नाम सामने आया। पुलिस का कहना है कि कनानी इस मामले में और भी खुलासा कर सकता है।
जगदीश और सागर ठक्कर हैंं इस स्कैम के खिलाड़ी...
 5 अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने मीरा रोड के एक कॉल सेंटर पर रेड डालकर इस स्कैम का खुलासा किया था। इस कॉल सेंटर को सागर ठक्कर चलाता था। दरअसल, जगदीश और सागर एक दूसरे को पहले से जानते थे। जगदीश ने 2010 में अहमदाबाद और मुंबई में फर्जी कॉल सेंटर खोले थे। सागर उस समय इन कॉल सेंटर का कामकाज देखता था। जगदीश ने सागर को टेक्नोलॉजी और ठगी की नए तरीके के बारे में ट्रेंड किया था। बाद में दोनों के बीच विवाद हो गया और सागर मुंबई आ गया। सागर ने मीरा रोड पर फर्जी कॉल सेंटर शुरू किया। इस मार्च में एक बार फिर जगदीश और सागर एक साथ आ गए।
6500 अमेरिकियों से एक साल में ठगे करीब 239 करोड़ रुपए...
सूत्रों के अनुसार- इन कॉल सेंटर्स ने करीब 6500 अमेरिकियों से 239 करोड़ रुपए ठगे हैं।
गिरफ्तारी से बचने के लिए अमेरिकी 500 से 60,000 डॉलर (करीब 33 हजार से 39.92 लाख रुपए) तक देने को तैयार हो जाते थे। छापेमारी में लैपटॉप, हार्ड डिस्क, हाई एंड सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किए गए हैं।

70 गिरफ्तार , 700 कर्मचारियों पर केस दर्ज...
पुलिस ने इस मामले में अब तक 9 कॉल सेंटर्स के 70 इम्प्लॉइज को गिरफ्तार किया है, जबकि 700  पर केस दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार लोगों में मैनेजर्स, कॉल टेकर्स, स्ट्रोक होल्डर्स और कॉल क्लोजर्स शामिल हैं। 630 इम्प्लॉइज पर IPC के सेक्शन 384 (जबरन वसूली), 419 (गलत पहचान बताकर धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी), 34 के अलावा IT Act और इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। सभी आरोपी 20 से 30 साल की उम्र के हैं। इनमें 20 से 30 फीसदी लड़कियां हैं।


रोजाना 1 से 1.5 करोड़ रुपए की करते थे कमाई...
कॉल सेंटर्स के कर्मचारी अमेरिकी लहजे में इंग्लिश बोलकर लोगों को फंसाते थे। ये पहले अमेरिकी टैक्स डिफॉल्टर सिटिजन्स की डिटेल्स हासिल करते थे। फिर टैक्स ऑफिसर बनकर उन्हें फोन पर धमकाते थे और ठगी करते थे। ये कॉल सेंटर्स इसी तरीके से रोजाना करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए की कमाई कर रहे थे। इनकी सालाना कमाई करीब 300 करोड़ रुपए थी। पुलिस ने बताया कि कॉल सेंटर्स की आड़ में ये रैकेट 1 साल से ज्यादा समय से सक्रिय था।

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