संजीवनी टुडे

24 घंटे में चमकी बुखार से 25 बच्चों की मौत, ये है बीमारी के लक्षण

संजीवनी टुडे 12-06-2019 08:59:58

मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन डॉ. शैलेश प्रसाद ने सोमवार देर शाम बताया कि प्रदेश के पांच जिलों-मुजफ्फरपुर, सीतामढी, शिवहर, वैशाली, पूर्वी चंपारण में हाइपोग्लाइसीमिया और अन्य अज्ञात बीमारी से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर अब 36 हो गयी है।


नई दिल्ली। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पिछले करीब 24 घंटे में चमकी बुखार से 25 बच्चों की मौत हो गई। एक हफ्ते में इस बीमारी से 56 मासूमों की जान जा चुकी है। वहीं 135 बच्चों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन डॉ. शैलेश प्रसाद ने सोमवार देर शाम बताया कि प्रदेश के पांच जिलों-मुजफ्फरपुर, सीतामढी, शिवहर, वैशाली, पूर्वी चंपारण में हाइपोग्लाइसीमिया और अन्य अज्ञात बीमारी से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर अब 36 हो गयी है। इनमें से 26 बच्चे मुजफ्फरपुर के हैं। शैलेश ने बताया कि बीमार बच्चों में से अधिकांश हाइपोग्लाइसीमिया (खून में चीनी की कमी) से ग्रसित हैं। 

क्या हैं लक्षण?
सिविल सर्जन शैलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि इस बीमारी से ग्रसित बच्चों को पहले तेज बुखार और शरीर में ऐंठन होती है इसके बाद वे बेहोश हो जाते हैं। इसका कारण अत्यधिक गर्मी के साथ-साथ ह्यूमिडिटी का लगातार 50% से अधिक रहना है। इस बीमारी का अटैक अधिकतर सुबह के समय ही होता है। मरीज को उलटी आने और चिड़चिड़ेपन की शिकायत भी रहती है।

बीमारी अगर बढ़ जाए तो ये लक्षण नजर आते हैं-
बिना किसी बात के भ्रम उत्पन्न होना।
दिमाग संतुलित न रहना।
पैरालाइज हो जाना।
मांसपेशियों में कमजोरी
बोलने और सुनने में समस्या
बेहोशी आना।

अभिभावक रहें सतर्क
- बच्चों को बगीचे में गिरे जूठे फल को न खाने दें।
- सूअर विचरण वाले स्थानों पर न जाने दें।
- बच्चों को खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धुलाएं।
- पीने के पानी में कभी हाथ न डालें।
- नियमित रूप से बच्चों के नाखून काटें।
- गंदगी व जलजमाव वाले जगहों से दूर रखें।
- बाल्टी में रखे गये पीने के पानी को हैंडिल लगे मग से निकालें।

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