संजीवनी टुडे

बिहार में प्रचंड गर्मी और लू से अब तक 148 लोगों ने तोड़ा दम ,गया में धारा 144 लागू

संजीवनी टुडे 18-06-2019 03:45:00

पूरे बिहार में जारी प्रचंड गर्मी और लू की वजह से विगत तीन दिनों में राज्य में 148 लोगों की मौत हो गई। राज्य के गया, नालंदा, मुंगेर, नवादा जैसे जिलों में लू की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या अधिक है।


पटना। पूरे बिहार में जारी प्रचंड गर्मी और लू की वजह से विगत तीन दिनों में राज्य में 148 लोगों की मौत हो गई। राज्य के गया, नालंदा, मुंगेर, नवादा जैसे जिलों में लू की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या अधिक है। हालत यह है कि गया में लू और प्रचंड गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन को धारा 144 लागू करना पड़ा है। तमाम स्कूलों को 22 जून तक के लिए बंद कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, प्रदेश में लू लगने से अबतक 148 लोगों की मौत हो चुकी है। मुंगेर और नवादा जिले में लू और डायरिया की चपेट में आने से सोमवार को पांच-पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि गया में छह और नालंदा के पावापुरी मेडिकल कॉलेज में भी सोमवार को पांच लोगों की मौत के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर148 हो गई है। 

लू और गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी चिकित्सकों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। राज्य के इतिहास में लू और गर्मी के कारण पहली बार गया में धारा 144 लागू किया गया है। भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को 22 जून तक बंद रखने का निर्देश दिया। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद् की तरफ से सभी डीएम और डीईओ को भेजे गए पत्र में सभी स्कूलों को 22 जून तक बंद रखने के साथ-साथ 22 जून के बाद सभी प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तरीय स्कूल 30 जून तक मॉर्निंग शिफ्ट में चलाने को कहा गया है। गया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक लोगों को धूप में नहीं निकलने का निर्देश दिया। इस दौरान सरकारी या गैर सरकारी निर्माण कार्य के लिए मजदूर धूप में काम नहीं करेंगे। किसी तरह का सांस्कृतिक कार्यक्रम या सभा का आयोजन भी नहीं किया जाएगा। इस दौरान मजदूरों से मनरेगा का काम भी नहीं लिया जाएगा। खुले स्थानों पर कार्यक्रम की भी निषेधाज्ञा लागू रहेगी। प्रशासन ने चैंबर ऑफ कॉमर्स से शहर की दुकानों को 11 बजे दिन से लेकर शाम 4 बजे तक बंद रखने का अनुरोध किया है। 

इस बीच बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मगध मेडिकल कॉलेज गया में लू की चपेट में आये मरीजोंके इलाज का जायजा लिया। मंगल पांडेय ने कहा कि लू से बुजुर्ग अधिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि लू के मरीजों के लिए 50 बेड को रिजर्व रखा गया है और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में 25 बेड और बढ़ा दिए जाएंगे। साथ ही निजी अस्पतालों को भी लू से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। बिहार में भीषण गर्मी से हालात खराब होते जा रहे हैं। अकेले रविवार को लू लगने से 112 से अधिक लोगों की मौत हो गई। लू से सबसे अधिक मौत की सूचना नवादा, गया, औरंगाबाद, पटना, रोहतास, जहानाबाद भोजपुर जैसे जिलों से मिल रही है। गया, नवादा और औरंगाबाद में विभिन्न के अस्‍पतालों में 300 से ज्‍यादा मरीज भर्ती कराए गए हैं, जहां नए मरीजों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। विगत दो दिनों में औरंगाबाद में हर आधे घंटे में एक मौत होती चली गई और डॉक्टर भी बेबस दिखे। आपदा प्रबंधन विभाग की टीम ने भी औरंगाबाद, नवादा और गया का दौरा किया और अस्पतालों में एसी और पंखा के साथ कूलर लगाने का आदेश दिया। सभी प्रभावित जिलों में अतिरिक्‍त डॉक्‍टरों को तैनात किया गया है। 

चिकित्सकों ने बताया कि प्रभावित लोगों को पहले बेचैनी हो रही है और उसके बाद वे बेहोश हो रहे हैं। फिर आधे से दो घंटे के बीच उनकी मौत हो जा रही है। बताया जा रहा है कि मौत की वजह ब्रेन में ग्‍लूकोज की कमी भी है। डॉक्‍टरों ने मरीजों को और आम लोगों को खूब पानी पीने की सलाह दी है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि सभी मृतकों के परिजनों को अनुग्रह अनुदान राशि मुहैया कराए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार की तरफ से गर्मी और लू से बचने के लिए सडकों पर जगह-जगह पेयजल की व्यवस्था की गई है। गांवों और शहरों में पीने का पानी पहुंचाने के लिए अतिरिक्‍त टैंकर लगाए गए हैं। इस बीच मौसम विभाग ने कहा है कि राज्य में भीषण गर्मी से अभी दो-तीन दिनों तक राहत की उम्मीद नहीं है। बिहार में गर्मी ने पिछले 53 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया और पारा यहाँ 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। सभी प्रमुख शहरों का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। 

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