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दूरसंचार विभाग ने दी इंबेडेड सिम को मंजूरी, बिना सिम कार्ड के काम करेगा...

संजीवनी टुडे 18-05-2018 12:51:58


नई दिल्ली। दूरसंचार विभाग ने इंबेडेड सिम के प्रयोग को मंजूरी देने वाले नए दिशानिर्देशों के मुताबिक जब भी कोई उपयोगकर्ता अपनी सेवा प्रदाता कंपनी बदलना या  नया कनेक्शन लेना चाहेगा, तो उसके स्मार्टफोन या डिवाइस में इंबेडेड सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल यानी ई-सिम डाल दी जाएगी। उस ई-सिम में उपयोगकर्ता द्वारा प्रयोग की जा रही सभी सेवा प्रदाताओं की सूचनाएं अपडेट कर दी जाएंगी। फिलहाल ई-सिम तकनीक का इस्तेमाल रिलांयस जियो और एयरटेल एपल वॉच के जरिए किया जा रहा है।

जानकारीयों के अनुसार ई-सिम तकनीक की शुरुआत 2016 में हुई थी।स्मार्टफोन निर्माता कंपनी सैमसंग ने इस तकनीक का इस्तेमाल अपने स्मार्टवॉच सैमसंग गियर 2 में किया था।  बाद में इस का इस्तेमाल एपल वॉच 3 में किया गया। भारत मेंरिलायंस जियो और एयरटेल इस तकनीक का इस्तेमाल करने वाली टेलीकॉम आपरेटर है जो एपल वॉच के जरिए ई-सिम की सुविधा दे रही है।

विभाग ने प्रत्येक मोबाइल यूजर को अधिकतम 18 सिम का प्रयोग करने की इजाजत दे दी है।  डॉट ने सिर्फ मोबाइल फोन के लिए नौ सिम के साथ मशीन-टू-मशीन मिलाकर कुल 18 सिम के प्रयोग की इजाजत दी है। ई-सिम को इंबेडेड सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल कहा जाता है। यह तकनीक सॉफ्टवेयर के जरिए काम करती है। फिलहाल इस का इस्तेमाल स्मार्टवॉच में किया जा रहा है। लेकिन लेकिन इस तकनीक को अब समार्टफोन पर रोल-ऑउट कर दिया जाएगा, जिससे यूजर्स केवल सॉफ्टवेयर के जरिए टेलीकॉम सेवाएं ले सकेंगे। इसके अलावा एक ऑपरेटर से दूसरे ऑपरेटर में स्विच करने में भी आसानी होगी।

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इंबेडेड  तकनीक के जरिए स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ बढ़ जाएगी। सॉफ्टवेयर के जरिए काम करने वाले ई-सिम में फिजिकल सिम की अपेक्षा में स्मार्टफोन के बैटरी की खपत कम हो जाएगी। यूजर्स को सिम पोर्ट कराने के लिए 7 दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।  इसके अलावा स्मार्टफोन में सिम कार्ड स्लॉट की भी जरूरत नहीं होगी जिससे आपके स्मार्टफोन में अतिरिक्त जगह भी बन जाएगी। इस तकनीक से यूजर्स तुरंत अपने ऑपरेटर बदल सकते हैं

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