संजीवनी टुडे

कोरोना के कारण अंतिम वर्ष की परीक्षा लेना संभव नहीं: उदय सावंत

संजीवनी टुडे 14-07-2020 07:58:29

कोरोना के कारण अंतिम वर्ष की परीक्षा लेना संभव नहीं: उदय सावंत


मुंबई। महाराष्ट्र में कोविद -19 के बढ़ते प्रभाव के कारण, रोगियों की संख्या दिन-प्रतिदिन भारी पैमाने पर बढ़ रही है। इसलिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार अंतिम वर्ष की परीक्षा लेना संभव नहीं है। यह जानकारी उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने सोमवार को दी। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एक बैठक राज्य में कोविद -19 के बढ़ते प्रसार और अंतिम वर्ष की परीक्षाओं पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी। इस बैठक में उक्त विषयों पर सविस्तार चर्चा हुई। सामंत ने कहा कि परीक्षा न हो, ऐसी सरकार की भूमिका नहीं है। परंतु राज्य में कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ऐसी परिस्थिति में परीक्षा लेना योग्य नहीं है। सभी 13 गैर-कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने सरकार को लिखित रूप से सूचित किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में परीक्षा आयोजित करना उचित नहीं होगा। सावंत के अनुसार विद्यार्थियों के अभिभावक और शिक्षक भी तुरंत परीक्षा लेने का विरोध कर रहे हैं। 

इसलिए, गैर-अव्यवसायिक पाठ्यक्रम की अंतिम वर्ष की परीक्षा तुरंत लेना छात्रों के स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त नहीं है। यदि यूजीसी हमें दिशा-निर्देश देता है, तो प्रतिकूल स्थिति की जिम्मेदारी कौन लेगा? छात्रों के वर्ष को बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए, इसलिए उचित फार्मूले का उपयोग करके परीक्षा परिणामों की घोषणा करना चाहिए। जिन छात्रों को लगता है कि उन्हें कम अंक मिले हैं, उन्हें कोविड 19 की परिस्थिति में सुधार होने के बाद परीक्षा देने का मौका दिया जाना चाहिए। पिछले सभी सत्रों में जो विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, वे परीक्षा दिए बिना अंतिम वर्ष डिग्री प्रमाण पत्र प्राप्त करना चाहते हैं, तो विश्वविद्यालय को उचित फॉर्मूले का उपयोग करते हुए उनका परिणाम घोषित करना चाहिए। 

सामंत के मुताबिक पिछले सत्र में उत्तीर्ण हुए अंतिम वर्ष के जो विद्यार्थी परीक्षा देना चाहते है। उन्हें लिखित रूप में परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाना चाहिए। ऐसे विद्यार्थियों की परीक्षा किसी भी महीने में ली जा सकती है। स्थानीय स्तर पर और स्थानीय परिस्थितियों के साथ-साथ संबंधित जिला कलेक्टर और आपदा राहत प्राधिकरण के परामर्श पर कोविद -19 की व्यापकता को देखते हुए विश्वविद्यालयों को निर्णय लेना चाहिए। कई स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल आज आइसोलेशन केंद्र के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। गांव लौटनेवाले विद्यार्थियों को परिवहन की कमी के कारण छात्रावास में वापस आना मुश्किल लगता है। उनकी सभी किताबें और कंप्यूटर उपकरण उनके छात्रावास में अटके हुए हैं। हाल में बैंगलोर में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को कोरोना से संक्रमित होने की बात सामने आई है। जिन राज्यों ने परीक्षा रद्द कर दी है। उन 9 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा करेगें। 

यह खबर भी पढ़े: रूठों की मान-मनौव्वल के लिए मंगलवार को दोबारा बुलाई कांग्रेस विधायक दल की बैठक

यह खबर भी पढ़े: कोरोना के चलते दो दिन बंद रहेगा रेल भवन

ऐसी ही ताजा खबरों व अपडेट के लिए डाउनलोड करे संजीवनी टुडे एप

More From maharashtra

Trending Now
Recommended