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गुना मामले ने पकड़ा तूल, मप्र से दिल्ली तक मचा सियासी घमासान

संजीवनी टुडे 16-07-2020 17:40:00

मध्यप्रदेश के गुना जिले में शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर दलित दम्पत्ति के साथ पुलिस द्वारा की गई बर्बरता से मारपीट का मामला तूल पकड़ गया है।


गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले में शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर दलित दम्पत्ति के साथ पुलिस द्वारा की गई बर्बरता से मारपीट का मामला तूल पकड़ गया है। इस मामले में गुरुवार को मप्र से लेकर लेकर दिल्ली तक सियासी घमासान मच गया है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने जहां ट्वीट कर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाये हैं तो वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व महापौर विभा पटेल को पीडि़त परिवार से मिलने के लिए गुना भेजा है। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को ही मामले को संज्ञान में लेकर जिले के सभी अधिकारियों को बदल दिया है और मामले की जांच के निर्देश दे दिये हैं। जांच टीम गुरुवार को गुना पहुंच गई है।

बता दें कि गुना जिले के जगनपुर चक स्थित सरकारी जमीन कॉलेज भवन के लिए आवंटित की गई है, लेकिन उस पर गब्बू पारदी नामक व्यक्ति ने कब्जा कर लिया और उसे नानाखेड़ी में रहने वाले एक आदिवासी परिवार को बंटाई पर दे दिया, जिस पर फिलहाल खेती की जा रही है। आदिवासी दम्पत्ति राजू और उसकी पत्नी सावित्री बीते मंगलवार को खेत पर काम कर रहे थे, तभी उस जमीन से अतिक्रमण को हटाने के लिए नायब तहसीलदार निर्मलसिंह राठौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। अमले ने फसल पर जेसीबी चलाई तो विवाद की स्थिति बन गई। झूमाझटकी के बीच राजू और उसकी पत्नी ने कीटनाशक दवा पीकर आत्महत्या की कोशिश की। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने उनकी लाठियों से पिटाई कर दी। बाद में दंपति को जिला अस्पताल पहुंचाया गया और अमला बिना कब्जा हटाए लौट आया।

इस मामले में गुरुवार राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मायावती ने ट्वीट कर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाये। दरअसल, पुलिस द्वारा आदिवासी की पिटाई करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो वायरल हुए हैं, जिनमें पुलिसकर्मी दम्पत्ति को बर्बरतापूर्वक पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विभा पटेल गुरुवार सुबह पीडि़त परिवार से मिलने जिला अस्पताल पहुंची और पीडि़त परिवार को डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। इधर, सीएम शिवराज सिंह दौरान मामले की जांच के लिए गठित भोपाल की टीम भी गुरुवार दोपहर गुना पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी है। 

बता दें कि बुधवार को भी कमलनाथ ने मामले को लेकर ट्वीट कर शिवराज सिंह चौहान सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि पुलिस ने जिस तरह की बर्बर कार्रवाई आदिवासी किसान परिवार पर की है, क्या सरकार ऐसी कार्रवाई रसूखदार व तथाकथित जनसेवकों के खिलाफ भी करेगी। ये कैसा जंगलराज है। वहीं, राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को ही मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दे दिये थे और जिले के सभी अधिकारियों का तबादला कर दिया था। इधर, प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार सुबह मीडिया से बातचीत में कहा है कि घटना का वीडियो देखकर व्यथित हूं। इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से बचा जाना चाहिए। मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा। उस पर कार्रवाई की जाएगी।

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