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कांग्रेस को अंदाज नहीं था कि जीत जाएंगे, इसलिए बड़े-बड़े वादे कर लिएः उमा भारती

संजीवनी टुडे 27-10-2020 06:40:37

कांग्रेस को अंदाज नहीं था कि जीत जाएंगे, इसलिए बड़े-बड़े वादे कर लिए


भोपाल। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और उनके प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को उम्मीद नहीं थी कि वे सरकार में आ जाएंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता से कई बडे़-बड़े वादे कर लिए। इन वादों का एक पूरा वचन-पत्र ही लेकर आ गए, लेकिन गलती से सरकार बन गई तो उनको जनता को दिए वचन भारी पड़ गए। सरकार बना ली तो वचन पूरे नहीं कर पाए और आखिरकार सरकार गिर गई। सरकार भी कांग्रेस ने ही गिराई। इसमें भारतीय जनता पार्टी का कोई भी रोल नहीं रहा। ये बातें भाजपा की फायर ब्रांड नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने सोमवार को सुरखी विधानसभा के बिलहरा, सांची विधानसभा के सांचेत एवं बड़ामलहरा विधानसभा के बमौरी, बक्सवाहा में भी जनसभाओं को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार में कमलनाथ को जरूर मुख्यमंत्री बना दिया गया, लेकिन रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाने का काम मिस्टर बंटाढार ही कर रहे थे,।जिन्होंने 2003 से पहले 10 साल तक मध्यप्रदेश में सरकार चलाई, लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। मध्यप्रदेश को पूरी तरह से बंटाढार करके रख दिया। बिजली, पानी, सड़क जैसी सुविधाओं से लोग वंचित रहे। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव से पहले मैंने बस में बैठकर पूरे प्रदेश का दौरा किया। उस समय मिस्टर बंटाढार को लग रहा था कि ये गरीब परिवार की बेटी, गांव की बेटी क्या कर लेगी। वे इंजीनियर विदेश में पढ़े-लिखे, राजघराने में पैदा हुए, लेकिन उन्हें ये नहीं पता था कि इस बेटी के साथ प्रदेश की जनता है और उसके बाद वे प्रदेश के परिदृश्य से ऐसे गायब हुए कि आज तक नहीं लौटे।

कड़ी तपस्या से सरकार चला रहे हैं मुख्यमंत्री
उमा भारती ने कहा कि 2003 के विधानसभा चुनाव में जिस तपस्या के साथ मैंने सरकार बनाई अब उसी कड़ी तपस्या के साथ में मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सरकार चला रहे हैं। 2003 में भाजपा की सरकार बनी और मुझे मुख्यमंत्री बनाया गया, लेकिन मुझे मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा। मुझे इस पद से हटाया नहीं गया, बल्कि मैंने स्वयं ही इस्तीफा दिया था। उसके बाद मेरे भाई शिवराज को यह जिम्मेदारी दी गई और अब मेरे दिल को तसल्ली है कि मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार चल रही है। अब मध्यप्रदेश में 15-20 साल तक भाजपा की सरकार रहेगी और यही स्थिति केंद्र में भी रहेगी। वहां भी हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले 15-20 साल तक प्रधानमंत्री रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मध्यप्रदेश में शिवराज ने सरकार चलाई और विकास कार्यों को किया वह कोई नहीं कर सकता था। यही विकास की सोच आज मध्यप्रदेश को अलग पहचान दिलाए हुए हैं।

फर्श से अर्श पर लाना जनता का काम है
उमा भारती ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है। जनता चाहे तो अर्श पर पहुंचा दे और जनता चाहे तो फर्श पर लाकर खड़ा कर देती है। गोविंद सिंह राजपूत जब भाजपा में आए तो मुझे बहुत अच्छा लगा। कांग्रेस के लोग भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने विधायकों को तोड़ा, लेकिन सच्चाई यह है कि भाजपा कभी भी तोड़-फोड़ की राजनीति में विश्वास नहीं करती है। कांग्रेस के मंत्री-विधायकों ने ही कांग्रेस की सरकार को गिराया है। उसमें भाजपा का जरा भी योगदान नहीं है। जब 2018 में मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो उनके नेताओं को ही विश्वास नहीं हुआ कि वे मुख्यमंत्री बन गए हैं। हालांकि चुनाव में वोट प्रतिशत भाजपा का ज्यादा था, लेकिन हमारी कुछ सीटें कम रह गईं। जब कांग्रेस की सरकार बनी तो कमलनाथ को मुख्यमंत्री बना दिया गया। चुनाव से पहले उन्होंने जनता को वचन तो इतने दे दिए कि बाद वे उनके लिए मुसीबत बन गए, क्योंकि कांग्रेस को उम्मीद तो थी नहीं कि उनकी सरकार बनेगी, इसलिए हर व्यक्ति से वादे पर वादे कर लिए और जब पूरा करने की बारी आई तो अपने वादों से ही मुकर गए। जब कांग्रेस की सरकार में उनके मंत्री-विधायकों के ही काम नहीं हो रहे थे तो ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमलनाथ को कह दिया कि वे सड़कों पर आकर संघर्ष करेंगे। कमलनाथ ने उन्हें चुनौती दे दी और सिंधिया सड़क पर आए तो कमलनाथ की सरकार ही गिर गई।

जब गिराई थी राजमाता ने कांग्रेस सरकार
 उमा भारती ने कहा कि जब जनसंघ की स्थापना हुई थी और स्व. कुशाभाउ ठाकरे जनसंघ को अपनी मेहनत से खड़ा कर रहे थे उस समय कांग्रेस के अत्याचार बढ़ रहे थे। इन अत्याचारों के कारण ही राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी कांग्रेस की सरकार को गिराकर जनसंघ में आ गईं। इसके बाद कुशाभाउ ठाकरे जी और राजमाता ने जनसंघ को खड़ा करने में अहम योगदान दिया। अब उनके पोते ज्योतिरादित्य ने भी कांग्रेस के अत्याचारों के कारण ही प्रदेश में सरकार गिराई और भाजपा में आ गए। ये तो स्वाभाविक ही था कि ज्योतिरादित्य को भाजपा में आना था। कांग्रेस की इन चुनावों में तो जमानत ही जप्त होने वाली है, क्योंकि कांग्रेस ने अपना सबसे बड़ा प्रचारक खो दिया, उनका सबसे बड़ा प्रचारक ज्योतिरादित्य ही थे।

कांग्रेस की बढ़ गई मुश्किलें
उमा भारती ने कहा कि कांग्रेस के मंत्री-विधायकों का जनता के बीच जाना ही मुश्किल हो गया था। वे जनता के बीच जाते थे तो उनके पास जबाव ही नहीं होता था। विधायकों को जनता घेर लेती है तो वे क्या करें, क्योंकि कमलनाथ ने उनके क्षेत्रों में कुछ कराया ही नहीं। उन्होंने कहा कि इसीलिए कांग्रेस के मंत्री-विधायकों ने कमलनाथ की सरकार को गिरा दिया, ताकि वे जनता के सामने जाने लायक स्थिति में रहें।

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