संजीवनी टुडे

उप्र में अंतिम चरण की 13 सीटों पर मतदान समाप्त, मोदी समेत 167 उम्मीदवारों के भाग्य ईवीएम में कैद

संजीवनी टुडे 19-05-2019 19:41:48


लखनऊ। लोकसभा चुनाव के सातवें व अंतिम चरण में उत्तर प्रदेश की 13 सीटों पर कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार शाम छह बजे मतदान समाप्त हो गया। हालांकि, जो मतदाता मतदान केंद्रों पर छह बजे तक पहुंच चुके हैं, उन्हें भी वोट डालने का अवसर मिलेगा। वहीं नक्सल प्रभाव के चलते राबटर््सगंज के तीन विधानसभा क्षेत्रों में अपराह्न चार बजे तक ही वोट डाले गये।   प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल0 वेंकटेश्वर लू के अनुसार सूबे में अंतिम चरण का मतदान भी शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। छुटपुट घटनाओं को छोड़ कहीं से किसी अप्रिय वारदात की खबर नहीं मिली। गोरखपुर और बांसगांव क्षेत्र के दो पीठासीन अधिकारी राजाराम एवं विनोद श्रीवास्तव की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मतदान के दौरान चंदौली के एक मतदान केंद्र पर भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को शांत करा दिया। चंदौली संसदीय क्षेत्र के एक गांव में ग्रामीणों को रुपये देकर उनकी उंगलियों पर जबरन स्याही लगाने का मामला भी प्रकाश में आया। हालांकि बाद में उन सभी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस संबंध में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकटेश्वर लू की ओर से जानकारी दी गई कि जिलाधिकारी चंदौली नवनीत सिंह चहल ने बताया कि इस मामले में प्राप्त शिकायत के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कराकर क्षेत्राधिकारी द्वारा जांच की जा रही है। 

 
 सातवें चरण में प्रदेश की महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चन्दौली, वाराणसी, मिर्जापुर तथा राबर्ट्सगंज सीटों के लिए मतदान सुबह सात बजे प्रारम्भ हो गया था। शुरुआत में कुछ मतदेय स्थलों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के खराब होने की शिकायत मिली लेकिन, जल्द ही उन्हें ठीक कर लिया गया अथवा उनकी जगह दूसरी मशीन लगा दी गयी। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ जुटने लगी थी। हर दो घंटे के अंतराल पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा मतदान प्रतिशत जारी किया गया। शुरु के दो घंटों में सभी 13 सीटों पर औसत मतदान 10.06 प्रतिशत रहा, जो पूर्वाह्न 11 बजे 22.62, अपराह्न एक बजे 36.44, तीन बजे करीब 46.17 और पांच बजे तक 53.19 फीसदी पहुंच गया। यद्यपि मतदान की अवधि शाम छह बजे समाप्त हो गयी, लेकिन उस समय तक जो लोग कतार में खड़े थे, निर्वाचन आयोग की तरफ से उन्हें वोट देने का अवसर प्रदान किया जाएगा। ऐसे में द्वितीय चरण के मतदान का प्रतिशत देर रात तक स्पष्ट हो पाएगा। पिछले चुनाव में इस चरण की सीटों पर मतदान का प्रतिशत 54.96 रहा। राबटर््सगंज लोकसभा सीट के तीन विधानसभा क्षेत्रों चकिया, राबर्ट्सगंज और दुद्धी में मतदान की अवधि दो घंटे तक घटा दी गई थी। इन क्षेत्रों में अपराह्न चार बजे तक ही वोट पड़े। निर्वाचन आयोग ने यह निर्णय नक्सली क्षेत्र को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर लिया था। पांच बजे तक महराजगंज सीट पर सर्वाधिक 57.80 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं बलिया में सबसे कम 48.80 प्रतिशत वोट पड़े। पांच बजे तक प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 52.90 प्रतिशत, मिर्जापुर में 54.32, गोरखपुर में 54.80 प्रतिशत मतदान हो गया था। चंदौली में 52.80 फीसदी, घोसी में 53.60, गाजीपुर में 54.29, कुशीनगर में 53.60, देवरिया में 53.26, बांसगांव में 52.21, राबटर््सगंज में 51.92 और सलेमपुर में पांच बजे तक 51.20 प्रतिशत मतदान हुए। 
  

कुल 167 उम्मीदवार

सातवें चरण में प्रदेश की 13 सीटों के लिए कुल 167 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें घोसी संसदीय सीट पर 15 उम्मीदवार, गोरखपुर में 10, महराजगंज में 14, गाजीपुर में 14, वाराणसी में 26, मिर्जापुर में 09, बलिया में 10, कुशीनगर में 14, देवरिया में 11, चंदौली में 13, बांसगांव में चार, राबर्ट्सगंज में 12 तथा सलेमपुर में 15 उम्मीदवार हैं। अंतिम चरण में प्रमुख रूप से भाजपा के 11 उम्मीदवार, कांग्रेस-10, बसपा के पांच, सपा के आठ, सी0पी0आई0 के चार तथा शेष अन्य एवं निर्दलीय उम्मीदवार हैं। इस चरण में महिला उम्मीदवारों की संख्या 13 है। 
 

2.36 करोड़ मतदाता

सातवें चरण की 13 लोक सभा निर्वाचन क्षेत्रों में 2,36,38,797 मतदाता हैं, जिनमें 1.28 करोड़ पुरूष, 1.08 करोड़ महिला तथा 1,426 तृतीय लिंग के मतदाता हैं। घोसी लोकसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 19,85,203 मतदाता हैं, जबकि सबसे कम 16,60,069 मतदाता सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र में हैं। 


ये रहीं तैयारियां 

सातवें चरण के संसदीय क्षेत्रों में कुल 13,979 मतदान केन्द्र तथा 25,874 मतदेय स्थल बनाये गये थे। इनमें क्रिटिकल मतदेय स्थलों की संख्या 4,395 है। उन्होंने बताया कि 3,043 मतदेय स्थलों पर डिजिटल और 820 मतदेय स्थलों पर वीडियो कैमरे लगाये गये थे। इसके अलावा 2,338 मतदेय स्थलों पर वेब कास्टिंग की व्यवस्था की गयी थी। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल0 वेंकटेश्वर लू के अनुसार इस चरण में मतदान कार्य में प्रयोग की जाने वाली ईवीएम एवं वीवी पैट की संख्या (आरक्षित सहित)-बैलट यूनिट 31,187, कन्ट्रोल यूनिट 29,802 तथा वीवी पैट 31,831 रही। बताया कि इस बार शत प्रतिशत मतदेय स्थलों पर वीवी पैट का प्रयोग किया गया। शांतिपूर्ण मतदान के लिए 1,747 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 229 जोनल मजिस्ट्रेट और 264 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। इसी तरह 13 सामान्य प्रेक्षक, सात पुलिस प्रेक्षक, 13 व्यय प्रेक्षक और 71  सहायक व्यय प्रेक्षक लगाए गए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सातवें चरण के लिए कुल 1,12,439 मतदान कर्मियों को लगाया गया था। स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण मतद राजधानी स्थित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल रुम से भी मतदान प्रक्रिया की लगातार निगरानी की व्यवस्था की गई थी। वहां पर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल0 वेंकटेश्वर लू समेत अन्य अधिकारी आज दिन भर मौजूद रहे।

 
प्रधानमंत्री मोदी समेत कई दिग्गजों के भाग्य ईवीएम में कैद

अंतिम चरण के मतदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े सियासी दिग्गजों के भाग्य का फैसला आज ईवीएम में कैद हो गया। लोकसभा में अपनी दूसरी पारी के लिए मोदी इस बार फिर से वाराणसी सीट से चुनाव मैदान में हैं। वहीं केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा गाजीपुर से और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से दोबारा भाग्य आजमा रही हैं। इसके अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेंद्रनाथ पांडेय इस बार फिर चंदौली लोकसभा सीट से मैदान में हैं। इस चरण में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीट रही गोरखपुर पर भी मतदान है। गोरखपुर के अलावा अगल बगल की सीटों के भाजपा उम्मीदवार भी योगी के ही मनमाफिक हैं। ऐसे में चुनाव के आखिरी दौर में योगी की भी प्रतिष्ठा दांव पर है। 

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मुद्दों पर हावी जातिवाद
उत्तर प्रदेश में अंतिम चरण की सभी 13 सीटें पूर्वांचल की हैं। इन सीटों पर मुद्दे कम जातिवाद ज्यादा हावी रहता है। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सभी सीटों के लिए जिस तरह से ताबड़तोड़ रैलियां कर राष्ट्रवाद का अलख जगाया, उससे जाति और धर्म की सीमायें कमजोर होती दिख रही हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में इन सभी 13 सीटों पर भाजपा व उसके सहयोगी दल का कब्जा था। 12 सीटें भाजपा को मिली थीं और मीरजापुर सीट से उसकी सहयोगी अपना दल की अनुप्रिया पटेल जीती थीं। उस चुनाव में पूर्वांचल की इन सीटों से सपा, बसपा और कांग्रेस का सफाया हो गया था। इस बार सपा और बसपा गठबंधन कर चुनाव मैदान में उतरी है। 

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