संजीवनी टुडे

बंगाल से कम होते जा रहे हैं मुस्लिम सांसद, इस बार केवल छ्ह जीते

संजीवनी टुडे 24-05-2019 22:32:09


कोलकाता। लोकसभा 2019 के चुनाव परिणाम में पश्चिम बंगाल कई मामलों में खास रहा है। चुनाव परिणाम आने के बाद पता चला है कि पश्चिम बंगाल 17वीं लोकसभा में छह मुसलमानों को भेज रहा है। हालांकि यह पिछले आम चुनाव से दो कम है। इनमें से पांच सांसद तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जीते हैं जबकि एक कांग्रेस के टिकट पर। तृणमूल के पांच सदस्यों में से, अरामबाग की सांसद अपारुपा पोद्दार, जिन्होंने 1142 के मामूली अंतर से अपनी सीट बरकरार रखी, ने अपनी शादी के बाद इस्लाम स्वीकार कर लिया और अब अफरीन अली के नाम से जानी जाती हैं। 

बंगाली अभिनेत्री और बशीरहाट सीट की विजेता नुसरत जहां रूही पहली बार सांसद बनी हैं। समुदाय के अन्य दो नए सांसद खलीलुर्रहमान (जंगीपुर) और अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद) हैं। उलूबेरिया से साजदा अहमद ने भी अपनी सीट बरकरार रखी। इसी तरह से कांग्रेस सांसद अबू हसीम खान चौधरी ने करीबी लड़ाई के बाद अपनी मालदा दक्षिण लोकसभा सीट को बरकरार रखा। 

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निवर्तमान लोकसभा के बंगाल के प्रमुख मुस्लिम सांसद, जो इस बार हार चुके हैं, उनमें मौसाम बेनज़ीर नूर शामिल हैं, जो कांग्रेस के टिकट पर जीते थे, लेकिन तृणमूल में शामिल होकर भाजपा के खगेन मुर्मू से हार चुकी हैं। निवर्तमान 16वीं लोकसभा में 23 मुस्लिम सांसद थे, जिनमें से सबसे अधिक कांग्रेस और तृणमूल से थे जबकि 15वीं और 14वीं लोकसभा में समुदाय से प्रतिनिधित्व क्रमशः 30 और 34 पर था जब कांग्रेस के नेतृत्व वाला संप्रग सत्ता में था। लोकसभा में सबसे ज्यादा मुस्लिम सांसद 1980 (49) में चुने गए। यह 1984 में 42 तक गिर गया। 

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