संजीवनी टुडे

राजस्थान से कई वरिष्ठ नेता जाएंगें लोकसभा

संजीवनी टुडे 23-05-2019 19:14:44


झुंझुनू। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राजस्थान की सभी पच्चीस सीटों पर अपने गठबंधन सहयोगी के साथ जीत दर्ज करने में सफल रही है। राजस्थान में पिछले लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी ने सभी 25 सीटों पर जीत दर्ज की थी जिसे एक बार फिर से दोहराने में सफल रही है। राजस्थान के लिये सबसे अच्छी बात यह रहेगी की इस बार लोकसभा में चुनकर जाने वाले अधिकतर सदस्यों को सार्वजनिक क्षेत्र में काम करने का पूर्व में अनुभव रहा है। श्रीगंगानगर सीट से भाजपा टिकट पर जीते निहालचन्द पांचवी बार लोकसभा के सदस्य बने है। पूर्व में ये नरेन्द्र मोदी सरकार में राज्यमंत्री व एक बार विधायक भी रह चुके हैं। इनके पिता बेगाराम चौहान भी पूर्व में सांसद व विधायक रह चुके हैं। झालावाड़ सीट से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्‍यंत सिंह लगातार चौथी बार जीत दर्ज की है। झालावाड़ से वसुंधरा राजे भी लगातार पांच बार सांसद रह चुकी हैं। बीकानेर से जीते अर्जुनराम मेघवाल ने लगातार तीन बार जीत कर हैट्रिक बनायी है। वर्तमान में मेघवाल मोदी सरकार में राज्य मंत्री है। चूरू से राहुल कस्वां लगातार दूसरी बार लोकसभा चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। 

इनके पिता रामसिंह कस्वां भी चूरू से चार बार सांसद व विधायक रह चुके हैं। झुंझुनू से जीते नरेन्द्र कुमार खीचड़ लगातार दो बार विधायक का चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने झुंझुनू लोकसभा क्षेत्र की मंडावा विधानसभा सीट पर पहली बार कमल खिलाया था। ये पंचायत समिति के प्रधान भी रह चुके हैं।सीकर के स्वामी सुमेधानन्द सरस्वती लगातार दूसरी बार जीते हैं। पिपराली गांव में एक आश्रम में रहने वाले स्वामी जी आर्य समाज के प्रचारक हैं। जयपुर से जीते रामचरण बोहरा ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। बोहरा पूर्व में जयपुर के जिला प्रमुख भी रह चुके हैं। जयपुर ग्रामीण से लगातार दूसरी बार जीते ओलम्पियन पदक विजेता कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ मोदी सरकार में सूचना एंव प्रसारण व खेल एंव युवा मामलो के स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री हैं। सैनिक पृष्ठभूमि, खिलाड़ी होने व साफ छवि के चलते ये मोदी के चहेते मंत्रियों में शुमार किया जाता है। बाडमेर से जीते कैलाश चौधरी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े हैं। ये विधायक व राज्य सरकार में संसदीय सचिव के पद पर काम कर चुके हैं। 

जोधपुर से दूसरी बार जीते गजेन्द्र सिंह शेखावत मोदी सरकार में कृषि राज्य मंत्री हैं। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को बड़े अन्तर से हराया है। भीलवाड़ा से सुभाष बहेडिय़ा तीसरी बार जीते हैं। बहेडिय़ा विधायक भी रह चुके हैं। दौसा सीट से जीती जसकोर मीणा पूर्व में सवाईमाधोपुर से सांसद व वाजपेयी सरकार में मानव संसाधन राज्य मंत्री रह चुकी हैं। चित्तोडग़ढ़ से सीपी जोशी व जालोर से देवजी पटेल लगातार दूसरी बार जीते हैं। पाली से पीपी चौधरी दूसरी बार जीते हैं। चौधरी मोदी मंत्रीमंडल में राज्यमंत्री हैं। अजमेर से जीते भागीरथ चौधरी किशनगढ़ से विधायक रह चुके हैं। करोली धोलपुर सीट से मनोज राजोरिया दूसरी बार जीते हैं। भरतपुर से रंजीता कोली पहली बार सांसद बनी है। उनके ससुर मंगलाराम कोली सांसद व विधायक रह चुके हैं। अलवर से बाबा बालकनाथ पहली बार जीते हैं। उन्होंने कांग्रेस के बड़े नेता व राहुल गांधी के निकट सहयोगी भंवर जितेन्द्र सिंह को बड़े अन्तर से हराया है। बालकनाथ के गुरू बाबा जसनाथ अलवर से सांसद व विधायक रह चुके थे। कोटा से दूसरी बार जीते ओम बिरला तीन बार राजस्थान में विधायक रह चुके हैं। वो संसदीय सचिव भी बनाये गये थे। उन्हें राजनीति का गहरा अनुभव है। राजसमंद से पहली बार जीतने वाली दिया कुमारी जयपुर के पूर्व राजघराने से जुडी हैं व पूर्व में सवाईमाधोपुर से विधायक रह चुकी है। 

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उनको लोकसभा चुनाव लड़ाने के लिये गत विधानसभा चुनाव में उनका टिकट काट दिया गया था। टोंक-सवाईमाधोपुर से दूसरी बार जीते सुखबीर सिंह जौनपुरिया हरियाणा के रहने वाले हैं तथा हरियाण में सोहना से निर्दलीय विधायक भी रह चुके हैं। उन्होंने पूर्व मंत्री नमोनारायण मीणा को हराया है। 2014 के चुनाव में उन्होंने मशहूर क्रिकेटर अजहरूदीन को हराया था। बांसवाड़ा से कनकमल कटारा  दूसरी बार जीते हैं। उदयपुर से अर्जुनलाल मीणा भी लगातार दूसरी बार जीते हैं। नागौर से पहली बार सांसद का चुनाव जीते हनुमान बेनीवाल ने लगातार तीन बार विधायक का चुनाव जीता है। हाल ही में उन्होंने अपनी नवगठित राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का भाजपा से गठबंधन कर एनडीए में शामिल किया था। भाजपा ने गठबंधन में उनके लिये नागौर की सीट छोड़ी थी। उन्होंने देश के बड़े नेता रहे नाथूराम मिर्धा की पोती व हरियाणा के एक बड़े उद्योगपति परिवार की बहू  ज्योति मिर्धा को भारी मतों से हराया है। राजस्थान से जीते सभी भाजपा व उनके सहयोगी पार्टी के सदस्य पूर्व में अनुभवी हैं व लम्बे समय से राजनीति कर रहे हैं। अनुभवी लोगों के सांसद बनने से वे केन्द्र में राजस्थान का पक्ष मजबूती से रख पायेगें। वर्तमान में मोदी सरकार में राजस्थान से पांच मंत्री हैं। नागौर से सांसद व केन्द्र में मंत्री सी आर चौधरी की नागौर सीट गठबंधन की सहयोगी पार्टी के हिस्से में जाने के कारण उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा। अब केन्द्र में नयी सरकार का गठन होगा उसमें राजस्थान को कितनी भागीदारी मिलती है इसका पता तो मंत्रिमंडल बनने के बाद ही पता लगेगा। 

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