संजीवनी टुडे

हिमाचल प्रदेश: फिर खिला कमल, कांग्रेस की शर्मनाक पराजय

संजीवनी टुडे 23-05-2019 21:19:12


शिमला। पूरे देश की तरह हिमाचल प्रदेश में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुनामी ने कांग्रेस को चारों खाने चित कर दिया। मोदी की सुनामी के आगे कांग्रेस का कोई भी उम्मीदवार भाजपा को टक्कर तक नहीं दे पाया और सभी सीटों पर भाजपा ने लाखों मतों के अंतर से जीत दर्ज की। भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए चारों लोकसभा सीटों पर ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार क्लीन स्वीप किया। साल 2014 के आम चुनाव में भी प्रदेश की सभी चार सीटें भाजपा की झोली में गई थीं। अहम बात यह है कि इस बार चारों सीटों पर भाजपा ने तीन से चार लाख से अधिक मतों से जीत हासिल कर नया इतिहास रचा। राज्य में सबसे बड़ी जीत कांगड़ा लोकसभा सीट से राज्य के कैबिनेट मंत्री किशन कपूर ने दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के पवन काजल को 4.66 लाख मतों से पराजित किया। मंडी सीट पर भाजपा के रामस्वरूप शर्मा ने कांग्रेस के आश्रय शर्मा को 4.05 लाख मतों से परास्त किया। 

इसी तरह हमीरपुर से कांग्रेस के रामलाल ठाकुर को 3.87 लाख मतों से हराकर भाजपा के अनुराग ठाकुर लगातार चौथी बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए। शिमला लोकसभा सीट से पहली बार चुनाव लड़े भाजपा के सुरेश कश्यप ने कांग्रेस के दिग्गज धनीराम शांडिल को 3.27 लाख मतों से शिकस्त दी। कांग्रेस अपने गढ़ों में भी बढ़त नहीं बना पाई। भाजपा को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विधानसभा हलके अर्की से 29 हजार, विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री के हलके हरोली से 14 हजार और रोहड़ू से आठ हजार वोटों की लीड मिली।अनुराग ठाकुर हिमाचल प्रदेश  से केंद्र में मंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। गुरुवार सुबह आठ बजे जैसे ही मतगणना शुरू हुई, ईवीएम से भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में धड़ाधड़ वोट निकले। भाजपा के चारों उम्मीदवारों ने शुरूआती कुछ घंटों मे ही एक लाख से अधिक की बढ़त बना ली। हिमाचल में मंडी सबसे हाॅट सीट मानी जा रही थी। 

प्लीज सब्सक्राइब यूट्यूब बटन

इस सीट पर भाजपा ने सांसद रामस्वरूप शर्मा पर फिर दांव खेला, तो कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री व कद्दावर नेता पंडित सुखराम के पौत्र आश्रय शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा। गृह क्षेत्र होने के चलते इस सीट पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पंडित सुखराम की प्रतिष्ठा दांव पर थी। प्रतिष्ठा की इस लड़ाई में सुखराम मात खा गए। शिमला सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व में दो बार सांसद रहे धनीराम शांडिल भी अपनी पार्टी को हार से नहीं बचा पाए। कांग्रेस कम से कम यहां अपनी जीत सुनिश्चित मान कर चल रही थी। इस सीट पर कांग्रेस ने कड़ी मेहनत भी की थी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने धनीराम शांडिल के गृह विधानसभा क्षेत्र सोलन में एक चुनाव रैली की पर नतीजा शून्य रहा। चौंकाने वाली बात यह रही कि सोलन विधानसभा हलके से भी शांडिल बढ़त नहीं ले पाए। यहां से भाजपा ने 16 हजार मतों की बढ़त बनाई। 

मात्र 240000/- में टोंक रोड जयपुर में प्लॉट 9314166166

More From loksabhaelection

Trending Now
Recommended