संजीवनी टुडे

आपको को भी करनी है नार्मल डिलीवरी तो रोजाना खाए ये चीज, जानिए

संजीवनी टुडे 16-05-2019 01:01:00


डेस्क। आपको बता दे की गर्भावस्था के समय शरीर की मजबूती के लिए महिलाओं को फैटी एसिड की आवश्यकता होती है, जिसे गुड फैट कहा जाता है। यह गुड फैट घी और ओमेगा-3  में भरपूर होती है, आइए आज जानते है एक मां बनने वाली औरत के लिए घी खाने के क्या- क्या फायदे और नुकसान हो सकता है। 

नार्मल डिलीवरी 

हमारे बड़े बुजुर्गों की माने तो उनका कहना है कि अगर प्रेंग्नेंसी के 9वें माह महिला को घी पिलाया जाए तो प्रसव आसानी से होता है यानि नार्मल डिलीवरी हो जाती है। 

पाचन में आसान 

घी को पचाना बेहद आसान होता है, घी हमारे हार्मोन्स के लिए बहुत ही फायदेमंद होता हैं। घी में विटामिन ए, डी, कैल्शियम, फॉस्फोरस, मिनिरल्स, पोटैशियम जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो मां और बच्चे दोनों के विकास के लिए फायदेमंद है, लेकिन गर्भावस्था में शरीर ज्यादा भागदौड़ नहीें कर पाता इसलिए ध्यान रखें कि उस दौरान दिन में 15 ग्राम से ज्यादा घी न खाएं। 

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दिमागी विकास के जरूरी 

प्रेगनैंसी के दौरान जहां मां के शरीर में ऊर्जा की कमी को घी पूरा करता है वहीं बच्चे के मानसिक विकास कि लिए भी घी बहुत फायदेमंद होता है। मानसिक रुप में बढौतरी करने के साथ-साथ घी बच्चे और मां की पाचन शक्ति को भी स्ट्रांग करता है। 

पेट की समस्या को सुलझाए

जैसे जैसे बच्चा बढ़ता चला जाता है वैसे-वैसे मां को एसिडिटी, गैस और कई बार कब्ज की भी शिकायत रहनी शुरु हो जाती है। घी में उपलब्ध पोषक तत्व इन सब बीमारियों से राहत दिलाते हैं। पेट के साथ-साथ बच्चे और मां की हड्डियों की मज़बूती और विकास के लिए भी घी बहुत फायदेमंद होता है। 

गाय का घी है फायदेमंद

गाय का घी दूसरे घी से अधिक फायदेमंद होता है। क्योंकि गाय का घी ही सिर्फ गुड फैट देता है। इसलिए कोशिश करें कि मां को गाय का घी ही दें। इसके साथ साथ दांतों को भी मजबूती प्रदान करता है। 

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हाई बीपी पेशेंट हैं तो रहें सावधान

ध्यान रखें ब्लैड प्रैशर की बीमारी से पीड़ित को घी का सेवन बहुत कम मात्रा में करना चाहिए क्योंकि इससे मां और बच्चे दोनों को स्वास्थ नुकसान हो सकता है।

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