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इस फालतू समझे जाने वाले पौधे में हैं कई बीमारियों को ठीक करने के गुण, कई मिल जाये तो छोड़ना मत!

संजीवनी टुडे 23-05-2020 10:10:46

अक्सर कई पोधो के बारे में जानकरी ना होने की वजह से हम उनको बेकार समझके हटा देते है लेकिन उनमे कुछ न कुछ गुण जरूर होते है ऐसा ही एक पौधा है बहेड़ा जो कई औषधीय गुणों से भरा हुआ है


डेस्क। अक्सर कई पोधो के बारे में जानकरी ना होने की वजह से हम उनको बेकार समझके हटा देते है लेकिन उनमे कुछ न कुछ गुण जरूर होते है ऐसा ही एक पौधा है बहेड़ा जो कई औषधीय गुणों से भरा हुआ है आज हम आपके कई गुणों के बारे में बताते है।

Baheda

यह एक विशाल पर्णपाती वृक्ष की प्रजाति है, जिसका मुख्य तना सीधा तथा छाल मोटी तथा गहरे भूरे रंग की होती है। यह वनस्पति आमतौर से उत्तर भारत के पर्णपाती वनों में पायी जाती है। बहेड़ा की पत्तियाँ साधारण तथा 3-8 इंच लम्बी होती हैं। पत्तियाँ आमतौर से डालियों के सिरे पर गुच्छा बनाती हैं। फल ड्रयूप प्रकार का होता है। बहेड़ा एक औषधि है जिसका इस्तेमाल कई सारी बिमारियों में किया जाता है आइये जानते हैं...

-आँखों के लिए फयदेमंद: यदि गलत खान पान की वजह से आपकी कम उम्र में ही आंखे खराब हो गयी है रोजाना बहेड़ा के छिलको और मिश्री को बराबर मात्रा में मिलाये और एक ग्लास गुनगुने पानी के साथ इसे ले जिससे आँखों की रौशनी बहुत जल्द सही होने लगती है। 

Baheda

कब्ज को करें छूमंतर: बहेड़े के आधे पके हुए फल को पीस लेते हैं। इसे रोजाना एक-एक चम्मच की मात्रा में थोड़े से पानी से लेने से पेट की कब्ज समाप्त हो जाती है और पेट साफ हो जाता है।

हड्डियों की मजबूती: यह एक अच्छा कैल्शियम का स्त्रोत है और हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत फायदेमंद है। रोजाना एक आंवले के मुरब्बे के साथ एक चम्मच बहेड़ा की छालो का चूर्ण मिलाएं और सेवन करे जिससे आप शरीर मजबूत होगा और हड्डियों की कमजोरी भी दूर होगी।

पीलिया रोग से दिलाएं मुक्ति: पीलिया एक ऐसा रोग है जिससे हमारा लिवर बुरी तरह से प्रभावित होता है लेकिन बहेड़ा के सेवन से इसे ठीक किया जा सकता है बहेड़ा का चूर्ण और एक चम्मच शहद का सेवन आपको पीलिया से मुक्त कर देता है ऐसा रोजाना करने से बहुत जल्दी पीलिया से आराम मिलता है।

Baheda

बुखार, चक्कर आने की समस्या: बहेड़ा एवम् जवासा के 40 से 50 ग्राम काढ़े में एक चम्मच घी मिलाकर सुबह दोपहर शाम पीने से कफ तथा पित्त से होने वाले बुखार हट जाता है और कमजोरी के कारन चक्कर आना व् आँखों के सामने अँधेरा आने समस्या समाप्त हो जाती है।

कुष्ठ रोग: कुष्ठ रोग का सबसे बढ़िया इलाज है बहेड़ा। बहेड़ा की पेड़ की छल का काढा बनाकर पीने से कुष्ठ रोग खत्म होने लग जाता है।

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