संजीवनी टुडे

रीढ़ की हड्डी में टीबी, घातक लेकिन लाइलाज नहीं

डॉ. केके बंसल

संजीवनी टुडे 17-10-2019 14:53:34

पीठ दर्द को आम दर्द मानकर नजरअंदाज न करें। इसे मामूली समझना या फिर पेन किलर खाकर टाल देना गंभीर बीमारी दे सकता है। फेफड़ों की बीमारी माने जाने वाली टीबी रीढ़ में भी हो सकती है और एक बार जब यह मरीज में फैल जाती है तो उसका जीवन काफी प्रभावित कर देती है। हालांकि इससे घबराना नहीं चाहिए।


जयपुर। पीठ दर्द को आम दर्द मानकर नजरअंदाज न करें। इसे मामूली समझना या फिर पेन किलर खाकर टाल देना गंभीर बीमारी दे सकता है। फेफड़ों की बीमारी माने जाने वाली टीबी रीढ़ में भी हो सकती है और एक बार जब यह मरीज में फैल जाती है तो उसका जीवन काफी प्रभावित कर देती है। हालांकि इससे घबराना नहीं चाहिए। आधुनिक तकनीकों की मदद से इसका उपचार किया जा सकता है और मरीज फिर से सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है।

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लंबे समय से पीठ में दर्द तो लें परामर्श --
नारायणा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोसर्जन डॉ. केके बंसल ने बताया कि दो-तीन हफ्ते तक पीठ में दर्द रहने के बाद भी आराम न मिले, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। आंकड़ों के मुताबिक, डॉक्टर के पास पहुंचने वाले पीठ दर्द के केसों में से 10 फीसदी मरीजों में रीढ़ की हड्डी की टीबी का पता चलता है। इसका सही समय पर इलाज न करवाने वाले लोगों में स्थायी रूप से अपाहिज होने का खतरा भी बना रहता है। इसकी पहचान भी जल्दी नहीं हो पाती है। रीढ़ की हड्डी में होने वाला टीबी इंटर वर्टिबल डिस्क में शुरू होती है। फिर रीढ़ की हड्डी में फैलता है। समय पर इलाज न किया जाए, तो लकवा होने की आशंका रहती है। यह युवाओं में ज्यादा पाया जाता है। इसके लक्षण भी साधारण हैं, जिसके कारण अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं।

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लंबा चलता है इलाज --
सामान्य टीबी का इलाज 6 महीने में हो जाता है, लेकिन स्पानइल टीबी के दूर होने में एक से डेढ़ साल का वक्त लग सकता है। डॉ. केके बंसल ने बताया कि टीबी के कीटाणु फेफड़े से खून में पहुंचते हैं और कई बार रीढ़ की हड्डी तक इसका प्रसार हो जाता है। बाल और नाखून छोडक़र टीबी शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। जो लोग सही समय पर इलाज नहीं कराते या इलाज बीच में छोड़ देते हैं, उनकी रीढ़ की हड्डी गल जाती है, जिससे स्थायी अपंगता आ जाती है। किसी भी आयु वर्ग के लोग रीढ़ की हड्डी के टीबी का शिकार हो सकते हैं। दूरबीन द्वारा सर्जरी में छोटा चीरा लगाकर इसकी सर्जरी की जाती है।

स्पाइनल टीबी के लक्षण --
- रीढ़ की हड्डी के प्रभावित क्षेत्र में खासकर रात के समय असहनीय दर्द रहना।
- स्पाइन के प्रभावित भाग में सूजन होना।
- बुखार आना।
- वजन का हद से ज्यादा कम होना।
- कमजोरी महसूस करना।
- रोग प्रतिरोधक शक्ति का कम होना।
- स्टूल व यूरिन पास करने में परेशानी होना।

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