संजीवनी टुडे

हर्बल रंगाे से ही खेले हाेली, नही ताे जिंदगीभर चेहरे से नही जाएगे दाग

संजीवनी टुडे 25-02-2018 12:32:01

Source: google

नई दिल्ली। अगले दाे- तीन दिनाे बाद हाेली का त्याेहार आने वाला हैं। हाेली खेले जाने वाले रंगाे में रासायनिक पदार्थ हाेते हैं। जाे हमारी त्वचा काे नुकसान पहुंचाचे हैं। रासायनिक रंगों से होली खेलने पर कभी-कभी लंबे समय तक इलाज कराना पड़ता है। लाेगाे की त्वचा पर दाग बन जाते हैं। अगर आप रंगाे से हाेने वाली परेशानी से बचना चाहते ताे प्राकृतिक रंग बरसाये। इससे तन-मन दोनों महक उठेगा। 

होली के लिए रंगों का बाजार सज रहा है। हर बार की तरह इस बार भी अधिकतर दुकानों पर केमिकल रंगों की ही भरमार है, जबकि प्राकृतिक या हर्बल रंग चुनिंदा दुकानों पर ही उपलब्ध हैं। हर्बल रंग महंगे तो हैं लेकिन इनके फायदे भी बहुत हैं। इन प्राकृतिक रंगों से त्वचा मुलायम बनी रहेगी और सौन्दर्य में भी निखार आता है। प्राकृतिक रंगों में चंदन, गेंदा, टेसू, गुलाब व अन्य तमाम फूलों की खुशबू भी आएगी। इन फूलों से ही हर्बल रंग तैयार किए जाते हैं। फूलों से बने रंग जिस पर पड़ेगा वह निहाल हो जाएगा। उसको सुखद खुशबू को एहसास होगा। 

पूरा बाजार रंगाे से सज रहा हैं। सभी दुकानाें पर केमिकल रंगों की ही भरमार है, जबकि प्राकृतिक या हर्बल रंग चुनिंदा दुकानों पर ही उपलब्ध हाेते हैं। हर्बल रंग महंगे जरूर हाेते हैं, लेकिन इनसे शरीर काे काेई नुकसान नही हाेता हैं। इन रंगाे से त्वचा मुलायम रहती हैं। प्राकृतिक रंगों में चंदन, गेंदा, टेसू, गुलाब व अन्य तमाम फूलों की खुशबू भी आती हैं। हर्बल रंगाे काे फूलाे से तैयार किया जाता हैं। इन रंगाे में भीगने से शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार  हाेता हैं। 

होली खेलने के बाद इन रंगों को छुड़ाने में कोई परेशानी भी नहीं आती हैं। एक बार साबुन या शैंपु से ही कलर साफ हाे जाता हैं। एक शाेध में भी यह बात कही गई हैं कि प्राकृतिक रंग से त्वचा मुलायम हो जाती है। इन रंगों के जरिए विभिन्न फूलों व वनस्पतियों का तेल भी त्वचा को मिलता है, जो कि त्वचा के लिए बहुत ही लाभदायक है। जबकि रासायनिक रंग से भीगना कभी-कभी इतना महंगा पड़ जाता है कि जिंदगीभर पछताना पड़ता है। 

घर पर भी तैयार कर सकते हैं हर्बल रंग

ब्लूबेरी के रस से नीला रंग तैयार किया जा सकता है। सूखे लाल चंदन को लाल गुलाल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। लाल रंग का यह पाउडर त्वचा के लिए लाभकारी है। सिन्दूरियां के बीजों को पीस कर गाढ़ा लाल रंग बनाया जा सकता है। नारंगी रंग बनाने के लिए रात भर मेहंदी की पत्तियों को पानी में भिगों दें, सुबह होली खेलें गहरा गुलाबी रंग बनाने के लिए चुकंदर को पानी में उबाल लें, रंग तैयार हो जाएगा। लाल रंग के फूलों को रात भर पानी में भिगों दे तो पानी का रंग हल्का पीला हो जाएगा।

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